देशभर में भारी विरोध के बावजूद मोदी सरकार ने NEET की परीक्षा करवाई और भाजपा ने इसका खुलकर समर्थन किया।

अभिभावकों और विपक्ष द्वारा नीट की परीक्षा को टालने से संबंध यहां बच्चों की स्वास्थ्य को लेकर चिंता थी। कोरोना काल में बच्चों के संक्रमित होने के प्रबल आसार बन गए। जिसका डर था वही हुआ।

बिहार के मुजफ्फरपुर के सकरा की एक छात्रा पटना से गत रविवार वापस लौटी थी, जो नीट परीक्षा के दौरान कोरोना संक्रमित हो गई थी। 20 वर्षीय छात्रा की एसकेएमसीएच में सोमवार की शाम इलाज के दौरान मौत हो गई।

बाद में जांच के बाद छात्रा के 2 परिजनों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है, फिलहाल दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

छात्रा के पिता के मुताबिक, नीट की परीक्षा देने के कुछ ही देर बाद बेटी को पेट मे दर्द और तेज बुखार आ गया। जांच में कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद से ही उसकी हालत खराब होती गई। अंत में छात्रा ने दम तोड़ दिया।

समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव ने छात्रा की मौत होने पर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है।

अखिलेश ने ट्वीट करके कहा कि, “NEET परीक्षा देने से संक्रमित हुई बिहार की छात्रा की मृत्यु बेहद दर्दनाक है। भाजपा सरकार के हठधर्मी अंहकार ने आख़िरकार एक माँ-बाप का आँगन सूना कर दिया। परिवार भी संक्रमित है। अब भाजपाइयों को समझ आया होगा कि जनता विरोध में क्यों थी। दुखद!”

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

twelve + 1 =