देश में बढ़ती भीड़ हत्या पर जाने माने उद्योगपति आदि गोदरेज ने अपनी चिंता व्यक्त की है। मुंबई के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे आदि गोदरेज ने कहा कि असहिष्णुता, घृणित अपराध और नैतिकता के नाम पर पहरेदारी वाली घटनायें राष्ट्र के आर्थिक विकास को “गंभीर नुकसान” पहुंचा सकती हैं।

आदि गोदरेज ने कहा कि सब कुछ ठीक ठाक है ऐसा नहीं है। हमें बड़े पैमाने पर बढ़ती साधनहीन बनाने की प्रवृति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए जो आगे चलकर हमारी विकास गति को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है तथा हमें अपनी क्षमताओं का पूरा दोहन करने से रोक सकती है।

आपसी भाई चारे पर अपनी विचार रखते हुए गोदरेज ने कहा कि सामाजिक समरसता बढ़ाने के लिए देश में “बढ़ती असहिष्णुता, सामाजिक अस्थिरता, घृणा-अपराध, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, नैतिक पहरेदारी, जाति और धर्म आधारित हिंसा और कई अन्य तरह की असहिष्णुता दूर नहीं किया गया तो आर्थिक विकास प्रभावित होगा।

देश में बढ़ती बेरोजगारी का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बेरोजगारी 6.1 प्रतिशत के चार दशक के उच्चतम स्तर पर है और इस समस्या का जल्द से जल्द निदान ढूंढा जाना चाहिये।

बड़े पैमाने पर जल संकट, पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग और चिकित्सा सुविधाओं का पंगु होना, देश में स्वास्थ्य देखभाल का खर्च समकालीन उभरते देशों की तुलना में बहुत कम रहना कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिनसे युद्ध स्तर पर निपटा जाना चाहिये।

आदि गोदरेज ने कहा कि कई मुद्दों को बुनियादी स्तर पर सुलझाया जाना चाहिए। हम एक ऐसे भारत की उम्मीद करते हैं जहां भय और संदेह का माहौल नहीं हो और राजनीतिक नेतृत्व पर जवाबदेह होने का भरोसा कर सकें।

हालाकिं इतना कुछ कहने दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 5,000 अरब डॉलर तक पहुंचाने की ‘‘वृहद दूरदृष्टि” के लिए उन्हें बधाई भी दी। मगर सबकुछ ठीक करने का दावे पर उन्होंने इशारों इशारों में प्रधानमंत्री मोदी को भी सलाह दी है।

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