केन्द्र सरकार ने जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नियंत्रण भी अडानी समूह को दे दिया है। अडानी समूह ने इस एयरपोर्ट का नियंत्रण एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) से हासिल कर लिया है।

अडानी ग्रुप के पास पहले से ही छह एयरपोर्ट पर कब्जा था और अब जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी अडानी के नियंत्रण में हैं।

अडानी के पास अब कुल 7 एयरपोर्ट का मैनेजमेंट है और इसी के साथ अडानी ग्रुप अब देश की सबसे बड़ी एयरपोर्ट कंपनी बन गई है।

केन्द्र सरकार ने अडानी समूह को 50 साल के लिए यह एयरपोर्ट लीज पर दिया है।

अडानी जयपुर इंटरनेशनल लिमिटेड के चीफ एयरपोर्ट ऑफिसर विष्णु झा को एयरपोर्ट के डायरेक्टर जेएस बलहाराने ने सोमवार को एयरपोर्ट की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी।

मीडिया सूत्रों के मुताबिक, बलहारा ने कहा कि अब जयपुर एयरपोर्ट का ऑपरेशन, मैनेजमेंट और डेवलपमेंट अडानी समूह द्वारा पीपीपी मॉडल पर किया जाएगा।

अडाणी ग्रुप एयरपोर्ट संचालन के लिए एक निश्चित रकम का भुगतान भारत सरकार को करेगा और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नियम-कायदों के मुताबिक एयरपोर्ट का संचालन करेगा।

गौरतलब है कि अरबपति कारोबारी गौतम अडानी की कंपनी अडानी ग्रुप के पास छह एयरपोर्ट पहले से ही हैं और इसके साथ ही उसके नियंत्रण में अब सातवां एयरपोर्ट भी आ गया है।

गत जुलाई महीने में अडानी ग्रुप ने मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पूरा टेकओवर कर लिया है। इस तरह से अडानी ग्रुप बीते कुछ सालों से एविएशन सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है।

देश के प्रमुख एयरपोर्ट का मैनेजमेंट प्राइवेट हाथों में देने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में बिडिंग मंगवाई थी।

बिडिंग में सबसे आगे होने पर अदानी ग्रुप को अहमदाबाद, जयपुर, मंगलुरू, गुवाहाटी, लखनऊ और तिरुवंतपुरम के हवाई अड्डों का मैनेजमेंट और ऑपरेशन देने का फैसला किया गया था।

इस समूह की 100% हिस्सेदारी वाली सब्सिडियरी अदानी एयरपोर्ट होल्डिंग लिमिटेड ने जीएमआर को पछाड़ते हुए 50 साल के लिए एयरपोर्ट को ऑपरेट करने का ठेका हासिल किया था।

इसके बाद अडानी ने मुंबई एयरपोर्ट को संचालित करने वाली कंपनी GVK Group से भी उसका यह कारोबार यानी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड खरीद लिया।

बता दें कि देश में 14 ऐसे एयरपोर्ट हैं, जिन्हें प्राइवेट कंपनियां चला रही हैं। देश के बड़े एयरपोर्ट बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद को जीएमआर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ मिल कर संभालती है।

वहीं जीएमआर और अडाणी ग्रुप के अलावा फ्रापोर्ट और फेयरफैक्स नाम की कंपनियां भी एयरपोर्ट के बिजनेस में हैं।

अब अडाणी ग्रुप उस जीएमआर ग्रुप को तगड़ी टक्कर दे रहा है, जो एयरपोर्ट के प्राइवेटाइजेशन के शुरुआती दौर में आया था। अडानी समूह एयरपोर्ट की बिडिंग में आगे निकलकर अब देश की सबसे बड़ी एयरपोर्ट कंपनी बन गई है।

उसके पास अब कुल 7 एयरपोर्ट का मैनेजमेंट आ गया है, जिसको देख कर लगता है कि जल्द ही ये एविएशन सेक्टर की बड़ी ताकत के तौर पर भी उभरेगा।

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