बीते काफी समय से देश के अन्नदाता सड़कों पर उतर कर लगातार मोदी सरकार का विरोध कर रहे हैं। दरअसल मोदी सरकार ने नए कृषि कानून के जरिये देश के किसानों को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है।

इसके विपरीत देश के कुछ चुनिंदा पूंजीपतियों की आय में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जिसमें अंबानी और अडानी ग्रुप का नाम सबसे ऊपर चल रहा है।

खबर सामने आई है कि इस साल भारत के पूंजीपति गौतम अडानी की निजी संपत्ति अन्य कई उद्योगपतियों की तुलना में काफी तेजी से बढ़ रही है।

ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के मुताबिक, अडानी की संपत्ति साल 2020 में 19 अरब डॉलर से बढ़कर 30 अरब डॉलर तक जा चुकी है। वेल्थ क्रिएटर की लिस्ट में गौतम अडानी का नाम नौवें नंबर पर आ पहुंचा है।

इस लिस्ट में स्टीव वामर, लेरी पेज और बिल गेट्स का नाम उनसे पीछे चला गया है। इस साल की शुरुआत से लेकर अब तक अडानी ग्रुप की ज्यादातर कंपनियों के शेयरों के दाम में ग्रोथ हुई है।

जिसके चलते गौतम अडानी की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ है। इस मामले में गौतम अडानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी को भी पीछे छोड़ दिया है।

इस मामले में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि “प्रधानमंत्री जी ने कहा- “आपदा में अवसर” तलाशिये जनता को भुखमरी बेरोज़गारी और मरने का अवसर मिला जबकि PM साहेब के मितरों अडानी अम्बानी की सम्पत्ति हज़ारों गुना बढ़ाने का अवसर मिला।”

इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक न्यूज़ रिपोर्ट के स्क्रीनशॉट को शेयर किया था। जिसमें बताया गया था कि साल 2014 से नरेंद्र मोदी के देश के प्रधानमंत्री बनने के बाद से लेकर अब तक गौतम अडानी की संपत्ति में 230 फीसदी का इजाफा हुआ है। कांग्रेस ने कई बार मोदी सरकार पर पूंजीपतियों के हितेषी होने के आरोप लगाए हैं।

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