बॉलीवुड की क्वीन कही जाने वाली कंगना रनौत हाल ही में अपने उल-जलूल बयानों की वजह से विवादित क्वीन कही जाने लगी है।

हाल ही में उन्होंने देश के स्वतंत्रता सेनानियों और देश की आजादी को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया है।

जिस पर विपक्षी दलों द्वारा खुलकर विरोध जाहिर किया जा रहा है। इसके साथ ही कई विपक्षी नेताओं ने कंगना रनौत से हाल ही में मोदी सरकार द्वारा दिए गए पदमश्री अवार्ड को वापस लेने की मांग भी की है।

विपक्षी दलों ने सरकार द्वारा कंगना रनौत को पदमश्री अवार्ड देने पर सवाल भी उठाए थे।

इसी बीच आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में कंगना रनौत के आजादी को भीख कहने वाले बयान और शहीदों का अपमान करने के मामले में पदमश्री वापस लिए जाने की मांग उठाई है।

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह का कहना है कि आजादी के 75वें साल में भी इसे भीख बता कर अपमानित किया जा रहा है।

एक टीवी इंटरव्यू के दौरान फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा साल 1947 में मिली आजादी को भी झूठी आजादी बताया गया है। पदमश्री पाने वाली महिला द्वारा इस तरह का बयान देना हर भारत के शख्स का अपमान है।

ऐसे शख्स से पद्मश्री सम्मान वापस लिया जाना चाहिए। ताकि इस सम्मान की गरिमा को बचाया जा सके।

आप नेता का कहना है कि अपने व्यक्तिगत लालच के लिए भारत के गौरवशाली इतिहास को भीख बताना और देश के नागरिकों की भावनाओं को आहत करने का अधिकार किसी को नहीं होना चाहिए।

मैं अनुरोध करता हूं कि नियम 267 के तहत सदन के अन्य कार्यों को स्थगित कर राष्ट्र की आजादी के सम्मान में गंभीर चर्चा की जानी चाहिए।

गौरतलब है कि फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत भाजपा का खुलकर समर्थन करती हैं।

उन्हें सरकार द्वारा वाई प्लस सिक्योरिटी दी गई है। कंगना रनौत को वाई प्लस सिक्योरिटी दिए जाने पर भी कई सवाल उठे थे।

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