दिल्ली पुलिस ने सिंघु बॉर्डर की ओर से आए किसानों पर आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का इस्तेमाल कर ‘ट्रैक्टर परेड’ को रोकने की कोशिश की।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर अन्नदाता अपने प्रदर्शन करने के संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल कर रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस उन्हें ‘सुरक्षा कारणों’ से आगे बढ़ने से रोक रही है।

“आज ही के दिन 71 साल पहले हमें मौलिक अधिकार मिला था, आज ही के दिन संविधान लागू हुआ था और आज ही नरेंद्र मोदी संविधान को तार-तार करते हुए किसानों पर अत्याचार कर रहे हैं, अहिंसके प्रदर्शन के उनके मौलिक अधिकार का दमन कर रहे हैं,” आम आदमी पार्टी ने पुलिस की आलोचना करते हुए ट्वीट किया।

दिल्ली पुलिस ने संजय गाँधी ट्रांसपोर्ट नगर पर सिंघु बॉर्डर से आए किसानों को तितर-बितर करने के लिए उनपर इतनी कड़ी ठण्ड में लाठीचार्ज किया।

किसानों का कहना है कि उन्हें रिंग रोड पर अपनी ‘किसान गणतंत्र परेड’ निकालनी है लेकिन पुलिस उन्हें रोक रही है। शांतिपूर्वक ट्रैक्टर रैली निकलने के बावजूद किसानों को आगे बढ़ने नहीं दिया जा रहा।

इससे पहले भी किसानों ने टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर ही दिल्ली में प्रवेश किया था। ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर भी किसानों के ऊपर आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया गया था।

देशभर से लाखों किसान दिल्ली में गणतंत्र दिवस के अवसर पर ट्रैक्टर रैली निकलने के लिए आए हैं। वो सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं और उन्हें पूरी तरह से वापस लेने की मांग कर रहे है।

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