कोरोना के बढ़ते मामलों को देखकर भी केंद्र और राज्य सरकारें लगातार लापरवाही दिखाते जा रहे हैं।

जब कुछ एक मामले आते थे तब शक्ति से लॉकडाउन किया गया था मगर जबसे कोरोना संक्रमितों की संख्या हजारों की संख्या में आने लगी हैं तब से इस देश में ज्यादातर चीजें खोल दी गई हैं।

जरूरी सेवाओं के नाम पर जगह-जगह शराब की दुकानें खोल दी गई हैं, नेताओं द्वारा इकट्ठा की जा रही भीड़ को इजाजत दे दी जा रही है और मंदिरों समेत तमाम देवालयों को भी खोल दिया गया है-बिना किसी उचित प्रबंधन के।

इसी का नतीजा है कि दक्षिण भारत की प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर में कोरोना संक्रमित के सैकड़ों मामले सामने आए हैं।

खबर के मुताबिक, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) में काम करने वाले 743 कर्मी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं तीन लोगों की मौत भी महामारी के कारण हो गई है। कोरोना संक्रमण की महामारी व लॉकडाउन के कारण ढाई महीने तक बंद रखने के बाद मंदिर को 11 जून को आम लोगों के लिए दोबारा खोला गया था।

तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के कार्यकारी अधिकारी अनिल कुमार सिंघल ने इस मामले में कहा है कि यह प्राचीन मंदिर है और यहां श्रद्धालुओं की बहुत गहरी आस्था है, मंदिर को श्रद्धालुओं के अनुरोध पर ही फिर से खोला गया था। 402 कर्मचारी अब तक ठीक हो चुके हैं, जबकि 338 का विभिन्न कोविड केयर सेंटरों में इलाज चल रहा है।

इस खबर को शेयर करते हुए सोशल मीडिया यूजर शिवम विज ने लिखा है कि टीटीडी में 743 कर्मी कोरोना पॉजिटिव और हमने तबलीगी जमात के लोगों को कोरोना वायरस फैलाने के गुनाहगार करार दिया था।

सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि इस खबर को कोई गोदी मीडिया चैनल नहीं दिखाएगा। कई यूजर्स ने कहा है कि इस खबर पर बीजेपी नेता बबीता फोगाट भी चुप्पी साध कर बैठी है जबकि तबलीगी जमात के लोगों के कोरोना पॉजिटिव आने पर उन्होंने नफरत का जहर उगला था।

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