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बिहार में सच में बहार है लेकिन ‘सुशासन’ का नहीं, अपराध का। कथित ‘सुशासन बाबू’ नीतीश कुमार प्रदेश में कानून व्यवस्था लागू करने में असफल नजर आने लगे हैं।

मंगलवार रात यानी 5 फरवरी को बिहार के किशनगंज के एक गांव में 6 लोगों ने एक 19 साल की लड़की का रेप किया। घटना के दो दिन बाद भी इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। एक लड़की का उसके पिता के सामने 6 लोगों गैंगरेप किया और शासन, प्रशासन, पंचायत सब लीपापोती करने में लगे हैं।

पूरी घटना-

5 जनवरी की रात लड़की के घर पर कुछ लोग दस्तक देते हैं। लड़की के पिता दरवाजा खोलते हैं। पानी पीने के बहाने से लोग घर के अंदर घुस जाते हैं। फिर कमरे में सो रही लड़की और पिता को बंधक बनाकर घर से करीब 500 मीटर दूर ले जाया जाता है।

वहां पिता को एक पेड़ से बांध दिया गया और वहीं लड़की का गैंगरेप किया गया। रेप करने के बाद बाप-बेटी को धमकी दी गई कि अगर उन्होंने किसी को घटना के बारे में बताया तो जान से मार देंगे। बलात्कारी चले गए। पीड़ित बेटी ने पेड़ से बंधे पिता की रस्सी खोली और दोनों घर को आ गए।

बुधवार सुबह थाने पहुंचकर पीड़िता ने एफआईआर दर्ज करवाया। पीड़िता के पिता के मुताबिक, सभी आरोपी गांव के ही रहने वाले हैं। उनके नाम- फैज आलम, अब्दुल मन्नान, कालू, कासिम, तकसीर और अंसार है।

एसपी कुमार आशीष का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। हालांकि अभी भी यानी दो दिन बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़िता का इलाज किशनगंज मेडिकल कॉलेज में जारी है।

बिहार की हालात खराब था और है। पिछले 18 साल में सबसे अधिक रेप के मामले 2018 में दर्ज किए गए हैं। बिहार सरकार की ऑफिशल वेबसाइट पर मौजूद आंकड़े बताते हैं कि साल 2018 के नवंबर तक रेप के 1,400 केस दर्ज किए गए हैं।

पिछले दिनों बिहार पुलिस के आंकड़ों ने भी नीतीश कुमार के ‘सुशासन’ की पोल खोली थी। बिहार पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में प्रतिदिन औसतन 8 से ज्यादा लोगों की हत्या की जा रही है, 4 से अधिक महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहा है। चोरी, लूट अपहरण की घटनाएं भी पूरी रफ्तार से हो रही हैं।