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आज 6 दिसम्बर है! आजादी के बाद, भारतीय इतिहास की एक उल्लेखनीय तारीख! भारतीय संविधान के निर्माण में सर्वाधिक अहम भूमिका निभाने वाले महान् बौद्धिक और समतावादी चिंतक डॉ भीमराव अम्बेडकर का आज परिनिर्वाण दिवस है! सन् 1956 के 6 दिसम्बर को उनका निधन हुआ था!

उन्होंने स्वतंत्रता, समता और न्याय हासिल करने के लिए उत्पीड़ित समाजों को संगठित होने, शिक्षित होने और संघर्ष करने का रास्ता दिखाया!

पूरे देश में उत्पीड़ित समाज और अन्य समतावादी लोग इस दिन अपने महान् नायक को श्रद्धा पूर्वक याद करते हैं और बेहतर समाज निर्माण के लिए संघर्ष करने का संकल्प दोहराते हैं!

पर ‘मनुवादी-हिंदुत्वा’ की मानव-विरोधी शक्तियों ने एक बड़े कुकर्म के लिए 26 साल पहले आज ही का दिन चुना! वह कुकर्म था: अयोध्या में बाबरी मस्जिद का विध्वंस!

कुकर्म और विध्वंस की वही काली ताकतें आज फिर मंदिर-मस्जिद के नाम पर देशभर में हिंसा, उपद्रव, सांप्रदायिक विद्वेष और टकराव का माहौल पैदा कर रही हैं! हमारे संविधान, जनतंत्र और उसकी संस्थाओं पर हमले कर रही हैं!

बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर देश के तमाम लोगों को आज संविधान और जनतंत्र के ढांचे को बचाने का न केवल संकल्प लेना होगा अपितु पूरी ताकत से इस महा-अभियान में जुटना भी होगा! जय भीम, जय भारत, जय संविधान, जय जनतंत्र!

(वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश उर्मिल की फेसबुक वॉल से साभार)