अमेरिका में 1,38,000 लोग मरे है। क्या माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार में भी इतने लोगों को कोरोना से मरवाना चाहते है?

क्या बिहार में अमेरिका जितने टेस्ट हो रहे है?

क्या अमेरिका में ICU में मछली तैरती है?

क्या अमेरिका में डॉक्टर बीच जलजमाव ठेले पर बैठकर अस्पताल जाते है?

क्या अमेरिका में प्रसूता को चारपाई पर अस्पताल लेकर जाते है?

क्या अमेरिका में बिहार की तरह Ambulance नहीं मिलने से प्रतिवर्ष हज़ारों लोगों की मृत्यु होती है?

क्या अमेरिका में ऑपरेशन थियेटर से कुत्ते जोड़ने के लिए रखा हुआ मरीज़ का हाथ उठाकर भाग जाते है?

क्या अमेरिका में अस्पताल में चूहे नवजात शिशु का हाथ काटते है?

क्या अमेरिका में प्रतिवर्ष चमकी बुखार से सैंकड़ों बच्चे मरते है?

क्या अमेरिका में बिहार से कम कुपोषण, शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर है?

क्या अमेरिका का डॉक्टर-मरीज़ अनुपात बिहार से कम है?

जदयू नेता सत्ता के अहंकार में यथार्थ से दूर है। अमेरिका तो छोड़ो, भारत सरकार के आँकड़ो, नीति आयोग की रिपोर्ट, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन और यूनिसेफ़ के आँकड़ो में बिहार स्वास्थ्य संरचना और सेवाओं में सबसे फिसड्डी राज्य है। माननीय मुख्यमंत्री को अपने नेताओं का इन सभी रिपोर्ट्स के साथ ज्ञानवर्धन करना चाहिए।

और हाँ, अमेरिका में EVM नहीं बैलेट से चुनाव होता है।

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