कोरोना की दूसरी लहर से देश में कोहराम मचा हुआ है और देश के प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों में व्यस्त हैं। उनकी इसी नजरअंदाजी से नाराज लोग सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।

कुछ शिकायत कर रहे हैं, कुछ कविताएं लिख रहे हैं, तो कुछ तस्वीरें और कार्टून बनाकर अपने विचारों को अभिव्यक्ति दे रहे हैं।

इसी की मिसाल है अवंतिका तिवारी द्वारा बनाई गई ये तस्वीर और हिमांशु शुक्ल द्वारा लिखी गई ये कविता –

मृत्यु का महाविलाप

ये कुछ देर पहले ज़िंदा था।
चटक लपटों से निकलते
बदबूदार धुंवे को देखकर
लाश का परिजन बोला
ऑक्सीजन लगता है जलने में
आग तभी लगती है
जब मिलता है ऑक्सीजन

शमशान घाट पर
बढ़ गयी है
ऑक्सीजन की खपत
अस्पताल में तो
दरवाजों पर ही ख़त्म हो जा रही है
कई बार एम्बुलेंस के स्ट्रेचर पर

लाश जलती है
तो आती है आवाज़
पेट फटने की
तब डोम दुबारा लकड़ी सहेजता है
और सर फोड़ने की लाठी
दाग देने वाले को थमाता है

निज़ाम ने भी हमसब को
यही लाठी पकड़ाई है
अपनों की कपाल क्रिया करने को
हम सबने मांगा था ऑक्सीजन
हमें शमशान की लंबी कतार
और इंतज़ार की पर्ची कटाने का
मिला है निर्देश

जम्बूदीप का भारतवर्ष
लाशों की दुर्गंध से गन्धा रहा है
लगे हाथ
अंत्येष्टि करदो देश की भी
बांध दो घण्ट सरकार का
और बुलाओ महाभोज में
हिन्दुराष्ट्र के सेनापति को
जो मृत्यु के महाविलाप पर
अट्टहास कर रहा है

(कविता: हिमांशु शुक्ल, तस्वीर: अवंतिका तिवारी)

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