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डियर डॉक्टर्स,

“ताली बजवा दी है, दिया भी जलवा दिया है. पटाखा घेलुआ में दगा है. इसी में खुश रहो. सुरक्षा उपकरण मांगोगे तो हाथ पैर तुड़वा देंगे. सैलरी काट लेंगे और बर्खास्त कर देंगे”. इस तरह का संदेश किसी महान आत्मा ने दिया तो नहीं है, लेकिन हो यही रहा है.

उत्तर प्रदेश के बांदा जिला में 26 डॉक्टरों चिकित्सा कर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है.

उनका अपराध यह था कि वे सभी कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में लगाए गए थे और सुरक्षा किट की मांग कर रहे थे. इस मांग पर कोई कान देने वाला नहीं है इसलिए ये स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर थे.

डॉक्टरों का आरोप है कि बांदा राजकीय मेडिकल कॉलेज में तीन दिन से मेडिकल स्टाफ ने कार्य बहिष्कार कर रखा है. उनकी की आइसोलेशन वॉर्ड में ड्यूटी लगाई है मगर उन्हें कोई सुरक्षा किट, मास्क या सैनेटाइजर मुहैया नहीं कराया गया है. इस महीने उनका वेतन भी काटा गया है. इस बारे में कॉलेज प्रशासन से बात करनी चाही तो प्रिंसपल प्रिंसपिल ने कहा कि यहां से चले जाओ नहीं तो हाथ-पैर तुड़वा दूंगा. यह योगी जी का आदेश आया है कि उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाए.

वे कोरोना वारियर्स नाम के कौन फरिश्ते हैं जिनके लिए कल दीवाली मनाई गई? मेरी समझ से तो वे डॉक्टर और प्रशासन के लोग ही थे जिन्हें हौसला देना था, जिनके साथ एकजुटता प्रदर्शित करनी थी.

पिछले हफ्ते यही दिल्ली में हुआ. हिंदू राव अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि हमारे पास सुरक्षा किट नहीं हैं. सुरक्षित मास्क, प्रोटेक्टिव गियर, दस्ताने, सैनिटाइजर वगैरह नहीं हैं. जब उनकी मांग नहीं मानी गई तो डॉक्टरों ने सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया. प्रशासन ने कहा कि कड़ी कार्रवाई करेंगे.

यह कड़ी कार्रवाई क्या होती है? लोगों से कहिए कि कुएं में कूदो. अगर वह न कूदे तो धकेल दो. यही होती है कड़ी कार्रवाई? खैर, जाओ सब लोग मिलकर नौटंकी करो. मन बहलता रहेगा.

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