भूकंप आ गया टीवी खोलो हिन्दू मुसलमान तूफान आ गया अख़बार पढ़ो हिंदू मुसलमान। बिहार में दिमागी बुखार के चलते 56 मासूम बच्चों ने अपनी जान गवा दी।

दो दिन पहले उत्तर प्रदेश की पहली बार काउंसिल की अध्यक्ष बनी दरवेश यादव की खुलेआम कचहरी परिसर में ही गोली मारकर हत्या कर दी जाती मगर मीडिया डिबेट किस मुद्दे पर कर रहा है? हिंदू ‘मुस्लिम वोट बैंक’ का खेल ख़त्म सेक्युलर ‘छल’ हजम!

इस डिबेट को करने वाली महिला पत्रकार है मगर उन्हें उत्तर प्रदेश में पहली महिला बार काउंसिल बनी दरवेश यादव पर सवाल पूछना सही नहीं लगा। अब मदरसों पर चर्चा होगी राममंदिर पर बहस होगी जिसका फैसला सुप्रीम कोर्ट को करना या फिर आपसी सहमति से मगर टीआरपी रेस में नंबर वन बनने के लिए बेक़रार आजतक तो यही डिबेट कर रहा है।

ऐसा नहीं कि ऐसे मुद्दे आज रखे गए हैं। इससे पहले मीडिया अपना कारनामा दिखाता रहा है जैसे वायुसेना विमान के लापता हो जाने पर उसे एलियन ले गया बता दिया था। मुख्यधारा का मीडिया जो करोड़ो लोगो तक पहुँचने का दावा करता है वो दिखा क्या रहा है सिर्फ हिंदू मुसलमान? या फिर सांस बहु और बॉलीवुड की वो अफवाहें जो कभी सच होती ही नहीं।

ये मीडिया सबसे बुरा वक़्त है जहां उसके पास अपने ही लोगो के लिए खड़े होने की हिम्मत नहीं है। चाहे पत्रकार गिरफ्तार हो या फिर उसके मुंह में पेशाब कर दिया जाये। इन संस्थानों को कोई फर्क नहीं पड़ता है।

क्या ऐसी पत्रिकारिता हमें दुनिया में पहचान दिला पाएगी? आपातकाल के दौरान कुछ एक को छोड़कर पत्रकारों ने समझौता कर लिया था। मगर आज जब देश में आपातकाल नहीं है तब भी पत्रकार बिना बोले सरकार के डर से लोट रहे है।