मोदी सरकार द्वारा लाए गए कृषि बिल के खिलाफ 25 सितंबर को देश भर में भारत बंद का ऐलान किया गया था। इसके चलते पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों में आज किसान इस बिल के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं।

इसी बीच खबर सामने आ रही है कि हरियाणा में भाजपा के दो नेताओं ने इस कृषि बिल को किसान विरोधी करार दिया है। पार्टी के इन दो नेताओं का नाम है नेता परमिंदर सिंह ढुल और रामपाल माजरा।

इन्होंने कृषि बिल को लेकर अपनी ही पार्टी का विरोध करते हुए कहा है कि यह बिल किसानों के हित में नहीं है। क्योंकि इसमें एमएसपी की बात नहीं की जा रही। भाजपा को किसानों की बात सुननी चाहिए। जो सड़कों पर उतर कर विरोध कर रहे हैं।

इस मामले में भाजपा नेता परमिंदर सिंह ढुल ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। भाजपा नेता का कहना है कि उनकी पार्टी द्वारा लाया गया ये बिल सर छोटू राम के सपनों के खिलाफ हैं। इसलिए हम कभी भी इसका समर्थन नहीं कर सकते।

इसके साथ ही भाजपा नेता ने मोदी सरकार को लॉक डाउन में किसानों के योगदान को याद दिलाने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि कोरोना संकट में जब देश के सामने संकट आया तो किसानों ने ही अर्थव्यवस्था को चलाया, लेकिन अब किसान सड़क पर है। ये सरकार उनकी बात नहीं सुन रही।

भाजपा नेता ने बताया है कि उन्होंने इस गंभीर मुद्दे को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओपी धनकड़ से बात की है। उन्होंने उनसे ऐसा बिल लाने की मांग की है। जिसमें एमएसपी को शामिल किया जाए। ताकि किसानों को पूंजीपतियों पर निर्भर न होना पड़े।

वहीँ दूसरे भाजपा नेता रामपाल माजरा ने भी मोदी सरकार पर हमला बोला है। माजरा ने कहा कि भले ही वो भाजपा में हैं लेकिन सही के लिए आवाज जरूर उठाएंगे। किसानों की बात सुनी जानी जरूरी है। ऐसा नहीं होना चाहिए कि देश के गरीब किसान को बड़े पूंजीपतियों से लड़ना पड़े।

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