हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने का ऐलान किया गया था।

आज संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान संसद में भी कृषि कानूनों की वापसी पर मुहर लग गई है।

मोदी सरकार द्वारा संसद में बिना किसी चर्चा के कृषि कानूनों को रद्द कर दिया गया है। संसद के दोनों सदनों में कृषि कानूनों की वापसी का बिल पास हो चुका है।

जिसके बाद देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की मंजूरी देने के बाद तीनों कृषि कानून रद्द हो जाएंगे।

इस मामले में विपक्षी नेता राहुल गांधी ने बिना किसी चर्चा के संसद के दोनों सदनों में कृषि कानूनों को वापस ले जाने के मामले में मोदी सरकार पर हमला बोला है।

उनका कहना है कि सरकार चर्चा करने से डरती है। इसीलिए यह कदम उठाया गया है।

राहुल गांधी का कहना है कि संसद में 700 किसानों की मृत्यु के मामले में भी चर्चा होनी चाहिए थी।

इसके साथ ही जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष पप्पू यादव ने भी सोशल मीडिया के जरिए मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

उन्होंने ट्वीट करके कहा है कि “काले कृषि कानूनों वापस लेने के साथ चर्चा हो कि 700 किसानों का हत्यारा कौन? संसद में चर्चा होना आवश्यक है कि अडानी अंबानी की दलाली कौन कर रहा है?

 

गौरतलब है कि देश के किसानों द्वारा बीते साल 26 नवंबर को अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए शुरू किए गए किसान आंदोलन में सैकड़ों जवान और बुजुर्ग किसानों ने अपनी जान गंवाई है।

विपक्षी नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह तो मान लिया है कि उनकी गलती की वजह से यह किसान आंदोलन हुआ है। अगर वह अपनी गलती मान रहे हैं।

तो किसान आंदोलन में मारे गए 700 किसानों के परिवारों के लिए भी कोई कदम उठाएं। उनके नुकसान की भरपाई भी होनी जरूरी है।

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