प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद आज संसद के दोनों सदनों में बिना किसी चर्चा के कृषि कानूनों के वापसी बिल को पास कर दिया गया है।

इस मामले में मोदी सरकार एक बार फिर विपक्षी दलों के निशाने पर है। दरअसल विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार संसद में चर्चा करने से डरती है।

इसी वजह से बिना बहस के ही कृषि कानूनों को रद्द कर दिया गया है।

तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा ने मीडिया से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है।

उन्होंने कहा है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता के नाम संबोधन में ये कह दिया कि वह तीनों कृषि कानूनों को वापस ले रहे हैं।

लेकिन अब तक बीते कई महीनों से किसान आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारी अपने घरों को वापस क्यों नहीं गए हैं? क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किसानों को विश्वास ही नहीं है।

यह वहीँ प्रधानमंत्री हैं जो कहते थे कि यह मेरा बड़प्पन है कि मैं ऐसे ही बिल लेकर आया हूं।

आज वही कह रहे हैं कि यह मेरा बड़प्पन है कि हम इन कृषि कानूनों में वापस ले रहे हैं। ऐसे कन्फ्यूजन में कौन उन पर विश्वास कर सकता है।

हमारी पार्टी की मांग है कि संसद में इन मुद्दों पर चर्चा की जाए। क्योंकि किसानों के मुद्दे थे, जिनमें से एक एमएसपी भी है। उस पर आज तक सरकार गारंटी देने के लिए तैयार नहीं है।

इसीलिए दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर बैठी किसान अभी तक घर वापस नहीं जा रहे हैं। इन्हें मुद्दों पर भी चर्चा होनी चाहिए। तभी यह सब हल होगा।

आप विपक्ष के नेताओं पर जबरदस्ती नहीं कर सकते हैं। इसी वजह से किसान और विपक्ष भी सड़क पर है और अपने पक्ष को रख रहे है।

यू-टर्न भारतीय जनता पार्टी ने लिया है। हम पहले भी विरोध कर रहे थे और आज भी सड़क पर उतर कर विरोध कर रहे हैं।

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