भारतीय जनता पार्टी की यूपी इकाई के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से आंदोलनकारी किसानों को लेकर एक ऐसा ट्वीट कर दिया गया है जो आने वाले समय में भाजपा के लिए मुसीबत का सबब न सकती है।

बीजेपी उत्तर प्रदेश के ट्वीटर हैंडल से एक कार्टून डाला गया है जिसमें कैप्शन दिया गया है, ओ भाई, जरा संभल कर जइयो लखनउ में…

कार्टून में किसान नेता राकेश टिकैत जैसे दिखने वाले एक शख्स को कहा जा रहा है कि सुना लखनउ जा रहे तुम.. किमे पंगा न लिए भाई… योगी बैठया है… बक्कल तार दिया करे और पोस्टर भी टांग दिया करे…

ये पोस्टर नहीं बल्कि सीधे सीधे आंदोलनरत किसानों को धमकी है। इसे लेकर देश भर से प्रतिक्रियाओं का दौर शुरु हो गया है।

यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बी वी ने बीजेपी उत्तर प्रदेश के इस ट्वीट का स्क्रीन शॉर्ट शेयर करते हुए लिखा है कि भाजपा का किसानों के नाम संदेश है. अब उन्हें बाल पकड़ कर घसीटा जाएगा !

मालूम हो कि अभी कुछ ही दिन पहले यूपी की राजधानी लखनउ में किसान नेता राकेश टिकैत ने प्रेस वार्ता की थी और एक तरह से योगी सरकार को चुनौती देते हुए कहा था कि अब दिल्ली की तरह लखनउ में भी आंदोलनकारी किसान डेरा डालेंगे।

टिकैत ने कहा था कि हम लखनऊ में भी अब दिल्ली जैसा ही आंदोलन करेंगे। हमें मालूम है कि जैसे दिल्ली के चारों तरफ के रास्ते को सील कर दिया गया है, ठीक वैसे ही लखनउ को भी सील कर दिया जाएगा। लेकिन हम इसकी तैयारी करेंगे।

टिकैत ने कहा कि अब किसानों ने यह तय कर लिया है कि हम देश के दूसरे राज्यों में भी जाकर अपनी बात किसानों के बीच रखेंगे।

राकेश टिकैत ने कहा कि यूपी में हमारा आंदोलन शुरु हो चुका है. 05 सितंबर को यूपी में बड़ी पंचायत होगी। वहां से बड़ी बैठकों की तारीखों की घोषणा की जाएगी।

टिकैत ने बताया कि पहले पूरे यूपी में 18 बड़ी पंचायतें होंगी और उसके बाद जिलों में छोटी बैठकें आयोजित हांगी।

टिकैत की इस घोषणा के बाद से जिस तरह यूपी बीजेपी ने बक्कल तोड़ने की बात कही है, ये एक तरह से आंदोलनकारी किसानों को धमकी मानी जा रही है।

भाजपा और किसानों के बीच संघर्ष विराम की स्थिति बनती हुई दिखाई नहीं दे रही है। अभी कुछ ही दिन पहले भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने आंदोलनकारी किसानों को मवाली कह दिया था, हालांकि बाद में उन्होंने सफाई देते हुए अपने बयान को वापस ले लिया था।

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