केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कृषि बिल को लेकर मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही हरसिमरत कौर ने अपनी पार्टी शिरोमणि अकाली दल की तरफ से कड़ा रुख दिखाया है।

दरअसल पंजाब और हरियाणा में इस वक्त किसानों ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए किसान विरोधी कृषि अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है।

शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हैं। लेकिन अब उन्होंने अपने इस पद से इस्तीफा दे दिया है।

लोकसभा में इन कृषि विधेयकों के पारित होने से कुछ वक्त पहले ही अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर ने ट्वीट कर कहा कि “मैंने किसान विरोधी अध्यादेश और विधेयकों के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। किसानों की बेटी और बहन के तौर पर उनके साथ खड़े होने पर गर्व है।”

शिरोमणि अकाली दल काफी लंबे समय से पंजाब में भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी दल रही है। इस मामले में अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे इन कृषि अध्यादेश को लेकर उनकी पार्टी के साथ कोई संपर्क नहीं किया गया। जबकि केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने इस मामले को लेकर आपत्ति भी जाहिर की थी।

इस मामले में कांग्रेस नेता और धर्मगुरु आचार्य प्रमोद कृष्णन ने अकाली दल की नेता हरसिमत कौर द्वारा किसानों के समर्थन में लिए इस फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा- “हरसिमरत कौर का इस्तीफ़ा इस बात का सबूत है कि ये सरकार किसान विरोधी है, किसानों के दर्द को महसूस करते हुए अकाली दल को NDA को भी ठोकर मार देनी चाहिये।”

आपको बता दें कि कृषि अध्यादेशों को लेकर मोदी कैबिनेट में अकाली दल की इकलौती केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर द्वारा मंत्री पद छोड़ने के बाद अब हरियाणा में भी भाजपा की सहयोगी दल जजपा पर दबाव बढ़ गया है।

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