दिल्ली में किसान आंदोलन पूरी उर्जा, उत्साह एवं उमंग के साथ चल रहा है। देश भर से किसान संगठनों को सहयोग मिल रहा है। इसी क्रम में दिल्ली के टिकरी बॉर्डर पर अर्जुन चौटाला पहुंचें।

उन्होंने हरियाणा के स्वर्गीय नेता चौधरी देवीलाल के नाम से आंदोलन स्थल के करीब 40 बेडों वाले अस्पताल का अनावरण किया। इस अस्पताल में विभिन्न प्रकार के रोगों का इलाज होगा।

इस दौरान अर्जुन चौटाला ने कहा कि सोचने वाली बात है कि आखिर किसान आंदोलन में 350 से ज्यादा किसान शहीद कैसे हो गएं ?

इसकी वजह साफ है कि जहां किसान आंदोलन चल रहा है, वहां किसी भी प्रकार की कोई मेडिकल सुविधा नहीं थी. इस वजह से अधिकांश किसानों की मौतें हुई हैं।

अर्जुन ने 50 बेडों वाले अस्पताल का अनावरण किया और बताया कि इस अस्पताल के निर्माण की प्रेरणा उनके पिता अभय चौटाला ने दी। जिस वक्त वो इस आंदोलन स्थल पर पहुंचे तब उन्होंने देखा था कि किसानों की मदद में देश भर में खाने, पीने और बिस्तरों की मदद मिल रही थी लेकिन मेडिकल सुविधा नहीं थी।

उनके पिता ने अर्जुन चौटाला को निर्देश दिया कि अपनी डॉक्टर पत्नी के साथ मिलकर तुम इस जगह पर अस्पताल की शुरुआत करो।

अर्जुन चौटाला ने इस दौरान घोषणा की कि किसान आंदोलन में शहीद होने वाले किसानों में 37 किसान हरियाणा से आते थें। हमने उन सभी किसानों के परिजनों का पता लगा लिया है। उन शहीद किसानों ने अपना फर्ज पूरा किया है और अब हमारी बारी है।

इन किसान परिवारों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने कुछ नहीं किया है। अर्जुन ने सभी शहीद किसानों के परिवार के एक एक सदस्य को स्वर्गीय चौधरी देवीलाल के नाम पर चलने वाले संस्थान में नौकरी देने की घोषणा की।

इस मौके पर अर्जुन चौटाला ने किसानों के बीच जय जवान, जय किसान. भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगवाए।

उन्होंने वहां मौजूद किसानों से हाथ उठवाकर कसम खिलाया कि अगर कोई भी भाजपा का नेता उनके गांव में आने की कोशिश करेगा तो उसे गांव में प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा क्योंकि ये झूठे वायदे कर सत्ता मंे आए हैं।

मालूम हो कि अर्जुन चौटाला हरियाणा की कुरुक्षेत्र लोकसभा सीट से इंडियन नेशनल लोकदल के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। अर्जुन चौटाला, इनेलो नेता अभय चौटाला के बेटे हैं।

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