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‘उन करोड़ों बहन-बेटियों से पूछो जिनको आपने अंधेरे का इंतज़ार करने के लिए मजबूर कर रखा था। ये चौकीदार करोड़ों बहनों की गरिमा का चौकीदार बन पाया, तो ये मेरे लिए सम्मान की बात है।’ रविवार को मुरादाबाद रैली में पीएम मोदी ने महिला सुरक्षा पर अपनी तारीफ जमकर की थी।

जब प्रधानमंत्री मोदी मुरादाबाद में ये बयान दे रहें थे ठीक उसी वक़्त वहां से चंद किलोमीटर दूर मुज्ज़फरनगर में एक माँ के सामने उसकी बेटी के साथ गैंगरेप जैसी शर्मनाक घटना को अंजाम दिया जा रहा था। इसी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि ‘बेटी बचाव और बेटी पढ़ाओ’ का नारा कितना खोखला है।

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुजफ्फरनगर जिले के ककरौली इलाके में दो लड़कों ने एक 22 साल की पीड़िता जब अपनी मां के साथ दवा खरीदने बाजार जा रही थी। तभी वहां पर दो लड़के आ गए जो लड़की को गन्ने के खेत में ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया।

पुलिस ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि जब युवती अपनी मां के साथ ककरौली थाना क्षेत्र में दवाई खरीदने गई थी। उसी दौरान दो युवक लड़की और उसकी मां को जबरन पकड़कर पास के खेत में ले गए और वहां लड़की के साथ उसकी मां के सामने बलात्कार किया।

इस मामले पर पीड़िता के पिता ने ककरौली थाने में तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया है वहीं पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है।

इस बलात्कार से इंसानियत के साथ साथ राज्य की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे है। जहां पीएम मोदी खुद को बेटियों को चौकीदार होने का दावा कर रहें है।

वहीं दूसरी तरफ सीएम योगी यूपी में अपराध मुक्त करने की बात करते है। इतने दावों के बाद भी अगर बेटियां सुरक्षित नहीं है तो फिर चौकीदारी किस बात और किस तरह का अपराधियों पर लगाम जब बेटियां खेतों से लेकर शहर की सड़कों तक पर सुरक्षित नहीं है।