यूपी में आज विधानसभा चुनावों के लिए आखिरी चरण का मतदान हो गया है. अब 10 तारीख को मतगणना होगी और उसी दिन यह साफ हो जाएगा कि ईवीएम में जनता ने किसके लिए क्या तय कर रखा है.

हालांकि जिस तरह के रुझान पूरे चुनाव के दौरान नजर आए हैं, उससे यह संकेत मिल रहे हैं कि यूपी की जनता ने बदलाव के लिए मतदान किया है.

ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि अपनी संभावित हार से बचने के लिए सत्ताधारी पार्टी गिनती में गड़बड़ी करा सकती है.

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता और किसान आंदोलन के बहुचर्चित नेता चौधरी राकेश टिकैत ने भी मतगणना में धांधली की संभावना जताई है.

और विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं से मतगणना केंद्र पर एक दिन पहले ही पहुंच जाने की और निगरानी रखने की बात कही है.

बिहार विधानसभा का चुनाव आपको याद होगा कि कैसे सुबह से ही मतगणना के साथ ही राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस का महागठबंधन लगातार बढ़त बनाए हुए था लेकिन जान बूझकर रिजल्ट जारी नहीं किया जा रहा था.

देर रात तक कई सीटों पर नतीजों को उलट फेर कर दिया गया. दर्जन भर राजद और कांग्रेस के उम्मीदवारों को थोड़े थोड़े वोटों के अंतर से हरा दिया गया और इस तरह से एक बार फिर बिहार में भाजपा जदयू गठबंधन की सरकार बन गई.

इसी आशंका को देखते हुए राकेश टिकैत ने कहा है कि यूपी की कम से कम 70 विधानसभा सीटों पर धांधली की जा सकती है. इन 70 सीटों पर हारे हुए प्रत्याशियों को जीत का प्रमाण पत्र दिया जा सकता है.

टिकैत ने किसानों से आग्रह किया कि वो सभी मतगणना केंद्रों की निगरानी रखें.

टिकैत ने कहा कि किसानों को काउंटिंग के एक दिन पूर्व ही मतगणना केंद्र पर जुटना होगा. अपनी निगरानी में काउंटिंग कराएं. अगर बेईमानी होती दिखाई दे तो पुनः काउंटिंग कराएं.

टिकैत ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि हर जिले से एक भाजपा उम्मीदवार को बेईमानी से जिताने की जिम्मेदारी अधिकारियों को दी गई है.

टिकैत ने किसानों से अपील की है कि 09 मार्च और 10 मार्च को पूरी छुट्टी लेकर काउंटिंग की निगरानी करें.

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