देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्रसंघ चुनाव के नतीजे लगभग आ चुके हैं। जेएनयू छात्रसंघ की चारों सीटों पर लेफ्ट यूनिटी ने कब्जा कर लिया है।

हालांकि अभी आधिकारिक घोषणा होना बाकी है। नतीजे शनिवार को ही घोषित हो सकते थे लेकिन वोटों की गिनती के बीच हिंसा के कारण काउंटिंग को रोक दिया गया था। जेएनयू छात्रसंघ चुनाव के लिए शुक्रवार को वोटिंग के बाद मतगणना पर जमकर बवाल हुआ।

जिसके बाद कई घंटों तक काउंटिंग रुकी रही। छात्रों और इलेक्शन कमीशन की अनबन लगभग 20 घंटे तक चल आखिरकार शनिवार देर रात फिर से काउंटिंग शुरू की गई।

भारतीय जनता पार्टी के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) पर आरोप है कि उसने गिनती के बीच जाकर इलेक्शन कमीशन के लोगों के साथ हिंसा और तोड़फोड़ की। छात्रसंघ के चुनाव ईवीएम के बजाए बैलेट पेपर से हो रहे हैं। लेफ्ट का आरोप है कि एबीवीपी इसीलिए हिंसा कर रही है कि वो ईवीएम के बिना जीत नहीं सकती और अब वो चुनावों को टलवाना चाहते हैं।

एबीवीपी का आरोप है कि उसके पुलिंग बूत एजेंट को वोटों की गिनती के दौरान नहीं बुलाया गया। वहीं, इलेक्शन कमीशन का कहना है कि समिति ने कहा कि निर्वाचन समिति स्पष्ट करना चाहती है कि उसने मतगणना शुरू होने के लिये तीन बार घोषणा की और लाउडस्पीकर के जरिये बाहर (मतगणना स्थल के) खड़े छात्रों को भी इसकी जानकारी दी।

समिति ने कहा, ‘इसके बाद निर्वाचन समिति के सदस्यों ने सुरक्षाकर्मियों को इसके बारे में सूचना दी और उनसे अगर कोई मतगणना एजेंट हो तो उसे इकट्ठा करने को कहा।’ उन्होंने कहा, ‘‘10 उम्मीदवारों के 14 मतगणना एजेंट मतगणना स्थल पर पहुंचे। इसके बाद मतगणना प्रक्रिया शुरू हुई। मतगणना एजेंटों की मौजूदगी में सील बक्सों को खोला गया।’

निर्वाचन समिति की तरफ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस साल कुल 7,650 वोटों में से 5,185 वोट डाले गए हैं। सेंट्रल पैनल के 5185 में से 4481 वोटों की गिनती पूरी हो चुकी है और लेफ्ट यूनिटी लीड पर।

अध्यक्ष पद पर लेफ्ट यूनिटी के उम्मीदवार बालाजी एबीवीपी के उम्मीदवार के मुकाबले दोगुने वोट से आगे हैं। दोपहर बाद तक फाइनल रिजल्ट आने की संभावना है। अभी तक के रुझानों के मुताबिक लेफ्ट यूनिटी के उम्मीदवार सेंट्रल पैनल के चारों पदों पर लीड कर रहे हैं।

तस्वीर साभार- Rupesh Shah