जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव के नतीजे घोषित होने वाले है। मगर उससे पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने सुबह चार बजे करीब इलेक्शन कमिश्नर पर हमला किया और तोड़फोड़ की। बूथ कैपचरिंग की कोशिश भी की गई। इस दौरान वहां तैनात गार्ड से मारपीट की गई।

जब ये घटना हो रही थी ठीक उसी वक़्त एक पत्रकार ने जब अपने मोबाइल में छात्रों की गुंडई को कैद करने लगा तो एबीवीपी के लोगों ने उसके साथ भी बदसलूकी करते हुए तोड़फोड़ की वीडियो जबरन डिलीट करवा दी।

दरअसल जेएनयू में एबीवीपी छात्रों की नाराजगी थी कि उसके प्रतिनिधि को नहीं बुलाया गया जबकि इलेक्शन कमीशन की तरफ से कहा गया कि उन्होंने बुलाया था और समय पर नहीं पहुंच सके थे।

कमीशन का आरोप है कि एक अध्यक्ष और जॉइंट सेक्रेटरी पद के प्रत्याशी ने चुनाव समिति के साथ मारपीट की, चुनाव समिति की महिला सदस्यों के साथ मारपीट भी की है।

इस हिंसा के बाद जेएनयू छात्रसंघ इलेक्शन कमीशन ने काउंटिंग रोक दी है। छात्रों के मुताबिक इलेक्शन कमीशन ने ABVP के लोगों को तीन बार बुलाया मगर कोई गया नहीं जिसके बाद गुस्साए एबीवीपी छात्रों ने इलेक्शन कमीशन के लोगों के साथ हाथापाई की।

जिसके बाद कमीशन ने अनिश्चितकालीन वक़्त के लिए काउंटिंग रोक दी गई। उनका कहना है कि जब तक एबीवीपी के लोग अपनी हरकत जारी रखेंगें काउंटिंग नहीं शुरू की जाएगी।

वहीँ एबीवीपी का कहना है कि जेएनयूएसयू इलेक्शन में पहले राउंड काउंटिंग (साइंस स्कूल और अन्य स्पेशल सेन्टर) शुरू होने के समय एबीवीपी के काउंटिंग एजेंट को बुलाए बिना चुनाव समिति के सदस्यों ने लेफ्ट के कार्यकर्ताओं के साथ काउंटिंग शुरू कर दिया है। छात्रों का कहना है कि चुनाव समिति के मेंबर्स और लेफ्ट दोनों मिलकर साजिश और धांधली कर रहे है।

बता दें कि बीते शुक्रवार जेएनयू छात्र संघ चुनाव के चार अहम पदों के लिए शुक्रवार को वोटिंग हुई है। जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पदों के लिए हुए इस चुनाव में 68 फीसदी वोटिंग हुई थी।

जिसके नतीजे 16 सितंबर को घोषित किए जाएंगे। चुनाव में एबीवीपी, बापसा, एनएसयूआई, संयुक्त वाम मोर्चा, छात्र राजद और सवर्ण मोर्चा ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया था।