बिहार में सत्तारूढ़ एनडीए की सरकार को इस वक्त राज्य की जनता के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल अगले महीने राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

जिसके चलते चुनाव प्रचार में जुटे सभी राजनीतिक दलों के नेता लोगों के बीच जाकर वोट मांग रहे हैं।

बीते दिन खबर सामने आई थी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एक जनसभा में बुजुर्ग शख्स ने “नीतीश कुमार चोर है” के नारे लगाए थे। अब बिहार के श्रम संसाधन मंत्री के साथ भी ऐसे ही कुछ हुआ है।

खबर के मुताबिक, लखीसराय विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार और राज्य श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे। लेकिन गाँव वालों ने उन्हें उलटे पाँव भगा दिया।

भाजपा नेता का विरोध कर रहे लोगों ने मुर्दाबाद के नारे लगाए। यहाँ तक कि लोगों ने भाजपा नेता पर गोबर फेंकना शुरू कर दिया। गाँव वालों का गुस्सा और भारी विरोध देख कर भाजपा नेता को वहां से भागने पर मजबूर होना पड़ा।

इस पूरी घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। जिसमें देखा जा सकता है कि गांव वालों के गुस्से को शांत करवाने की भाजपा नेता द्वारा कोशिश भी की गई। लेकिन लोगों ने उनकी एक नहीं सुनी।

इस मामले में राजद ने भाजपा नेता की चुटकी ली है। राजद ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से राजद ने लिखा है कि “स्थानीय निवासियों को गलत नहीं समझा जाए! स्वयं भाजपा के नेताओं ने गोबर और गौमूत्र को कोरोना का इलाज बताया है!”

गौरतलब है कि बिहार की नीतीश सरकार के खिलाफ जनता के मन में जो गुस्सा है। वह अब सार्वजनिक तौर पर दिखना शुरू हो चुका है।

खास तौर पर राज्य के युवाओं द्वारा बेरोजगारी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरा जा रहा है। युवाओं ने नीतीश कुमार पर रोजगार देने के नाम पर धोखा देने के आरोप लगाए हैं।

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