बिहार में सरकार, मंत्री, सांसद या विधायक की निंदा करने वालों के खिलाफ, संविधान द्वारा मिले अभिव्यक्ति की आज़ादी के अधिकार का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ, राज्य की पुलिस कानून का हवाला देकर एक्शन ले सकती है।

आर्थिक अपराध इकाई के ADG नैयर हसनैन खान ने एक पत्र जारी कर कहा कि “बिहार के किसी मंत्री, सांसद, विधायक या अफसर के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों पर कार्रवाई होगी।”

पुलिस के पत्र पर प्रतिक्रिया देते हए राजद नेता मनोज कुमार झा लिखते हैं, “हे बिहार सरकार! कहां ले जा रहे हैं बिहार को। आलोचना से इतना डर!

जनादेश को शासनादेश से बदलने का नतीजा कुछ यूं होता है क्या? बकौल फ़ैज़: निसार मैं तेरी गलियों के ए वतन कि जहां चली है रस्म की कोई ना सर उठा के चले…”

यह पत्र बिहार पुलिस मुख्यालय के आर्थिक और साइबर अपराध विभाग की ओर से जारी किया गया है।

ADG का तो कहना है कि “सरकार, मंत्रियों और अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना साइबर अपराध की श्रेणी में आता है।” बिहार पुलिस ऐसे व्यक्तियों और समूहों के खिलाफ एक्शन लेगी।

ADG हसनैन ने जनता से ही अनुरोध करते हुए कह दिया की वही ऐसे लोगों के बारे में पुलिस को जानकारी दें।

सवाल है कि सरकार के अंतर्गत काम करने वाली पुलिस को क्या आपत्तिजनक लगेगा? क्या इससे विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जाएगा?

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