Tanya Yadav

बिहार में भाजपा के साथ मिलकर साझा सरकार चलाने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पेगासस जासूसी मामले में जांच की मांग की है। उन्होनें कहा है कि अगर किसी के फ़ोन पर ‘कब्ज़ा’ किया जा रहा है तो इसकी जांच होनी चाहिए, सच को सबके सामने आना चाहिए।

पेगासस जासूसी मामले पर विपक्षी पार्टियां संसद के भीतर सरकार से लगातार सवाल पूछ रही हैं। दुनिया के दूसरे देशों ने भी इसके लिए जांच टीम बैठा दी है।

जब नितीश कुमार से मीडिया द्वारा पेगासस जासूसी कांड पर सवाल पूछे गए तो उन्होनें चिंता जताते हुए कहा, “बिलकुल जांच होनी चाहिए। टेलीफोन टैपिंग की बात इतने दिनों से आ रही है। इसपर ज़रूर बात होनी चाहिए, चर्चा होनी चाहिए।

इन सब चीज़ों पर तो पूरे तौर पर एक एक बात को देखकर उचीत कदम उठाना चाहिए, मेरी समझ से।

लेकिन क्या हुआ है, क्या नहीं हुआ है, ये पार्लियामेंट में कुछ लोग बोल रहे हैं। और समाचार पत्रों में आ रहा है। लेकिन जो कुछ भी है उसकी पूरी तौर पर जाँच हो।

आखिर किसी के फ़ोन को लोग सुन रहे हैं, उसपर कब्ज़ा कर रहे हैं। मेरी समझ से निश्चित रूप से इसकी जांच कर लेनी चाहिए, ताकि जो भी सच्चाई हो सामने आ जाए।”

गौरतलब है कि भारत सहित दुनिया के कई देशों में पेगासस सॉफ्टवेयर के जरिए वीआईपी की जासूसी की खबरों ने तहलका मचा दिया है।

आरोप है कि एक इजरायली कंपनी ने पेगासस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके अलग-अलग देशों के लोगों के फ़ोन हैक किए हैं। भारत सरकार पर इसलिए भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि यह कंपनी अपनी सेवा केवल देशों की सरकारों को देती है।

तमाम आरोपों के बावजूद खुद इजरायल की संसद ने ही इस मामले की जांच के लिए एक आयोग का गठन किया है।

फ्रांस की कोर्ट में भी इसकी जांच शुरु हो गई है। मैक्सिको के राष्ट्रपति भ्रष्टाचार और पेगासस के दुरुपयोग की जांच कर रहे हैं। लेकिन भारत में सरकार इस मुद्दे से ही अपना पल्ला झाड़ रही है। उल्टा इसको अंतराष्ट्रीय षड्यंत्र बता रही है।

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