बिहार के पश्चिम चंपारण जिला के नगर थाना में मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड की एक पीड़िता ने अपने साथ सामूहिक बलात्कार का मामला दर्ज कराया है। इस मामले पर खुद पीड़िता की अपने साथ हुई शर्मनाक हरकत के बारें में बताया कि कैसे उसे उठाकर चार लोग गाड़ी में ले गए और उसके साथ गैंगरेप किया।

दरअसल पीड़िता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें उसने अपने साथ हुई आपबीती बताई, साथ ही ये भी बताया कि यह घटना बीते शुक्रवार शाम की है, मामले में एफ़आईआर दर्ज कर ली गई है। जब चार बेख़ौफ़ बदमाशों ने पीड़िता के साथ गैंगरेप जैसी शर्मनाक हरकत को अंजाम दिया है।

पीड़िता ने बताया, मैं अपने घर से भाभी के घर सोने के लिए जा रही थी। इतने में स्कॉर्पियो आई और उन्होंने गाड़ी का गेट खोलकर मुझे जबरन अंदर बैठा लिया। चार आदमी थे चारों ने मुंह बांधा हुआ था, दो आदमी का तो मैंने अपने दोनों हाथों से उनके मुंह से कपड़ा हटा दिया इसके बाद दो आदमी अपने से मुंह खोल दिए।

तब हम पहचान लिए उन सबको तो हम बोले की ई सब यहां क्या कर रहा है लोग। इसके बाद उन्होंने चलती गाड़ी में दुष्कर्म किया। फिर बोला कि अगर घरवालों से कहेगी तो हम तुम्हें जान से मार देंगें, अगर थाना में जाएगी तो तुम्हारा घर वालों को उठवा लेंगें कुछ नहीं होना चाहिए। इसके बाद मुझे मेरे मोहल्ले में छोड़ दिया।

इस मामले पर पश्चिम चंपारण जिला मुख्यालय बेतिया के नगर थाना अध्यक्ष शशिभूषण ठाकुर ने बीते रविवार को बताया कि पीड़िता को इलाज के लिए शनिवार देर शाम गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने बताया कि पीड़िता ने शनिवार को बेतिया थाने में दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि चार लोगों ने उसे जबरदस्ती एक कार के अंदर खींच लिया, तब वह कहीं जा रही थी और अपने घर के आसपास ही थी।

गौरतलब हो कि पीड़िता बिहार के उसी मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर होम में रह चुकी है जहां पिछले ही साल मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर होम में 34 लड़कियों से बलात्कार होने की पुष्टि हुई थी। कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 164 के तहत शेल्टर होम में रहने वाली 42 लड़कियों के बयान दर्ज कराए गए थे। हैरान करने वाली बात ये है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में होने के बावजूद कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

जब मामला सुप्रीम कोर्ट में है खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंत्री मंजू वर्मा इस मामले में लिप्त होने के बाद अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। ऐसे में क्या नीतीश सरकार ऐसी घटनाओं पर एक्शन लेगी? क्या ऐसे हालातों के लिए उन्होंने पिछले दिन नारे दिए थे जिसमें कहा गया था कि ‘क्यों करें विचार ठीके तो है नीतीश कुमार’। इस गैंगरेप की घटना के बाद क्या कहा जाना चाहिए ठीके तो है नीतीश कुमार?