बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में ‘चमकी बुखार’ या ‘इंसेफ्लाइटिस’ ने 100 से ज्यादा मासूमों की जान ले ली है। बीते रविवार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री जब मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा पहुंचे।

इसी दौरान बच्चों के परिजनों का गुस्सा फूटा, जिनमें से एक परिजन ने तो मंत्री के सामने चिल्लाते हुए कहा कि हमें भी मार दो।

दरअसल मुज़फ़्फ़रपुर में एक परिजन अस्पताल का दौरा करने आए मंत्रियों पर ही नाराज़ हो गया। उन्होंने राज्यमंत्री अश्विनी चौबे से चिल्लाते हुए कहा, अरे हमसे भी बात कीजियेगा? “मेरे बच्चे मर रहे हैं मुझे भी मार दो।”

 

ये नेता कहे के नेता है? मुझे मार दो जान से, बच्चों की तरह। फिर मंत्री की तरफ चिल्लाते हुए कहा कि अस्पताल में कोई देखने वाला नहीं है क्यों कोई हमारी सुनता नहीं है? उसने रोते हुए कहा कि हमारे भाई का छोटा-छोटा बच्चा है हमने खून दिया है।

मैं मंत्री से यही कहना चाह रहा था की हमारा यहां देखने वाला कोई नहीं है। इसपर पत्रकार ने परिजन से पूछा कि मंत्री जी ने आपकी बात सुनी? तो उसने जवाब देते हुए कहा की नहीं सुनी हमारी कहाँ सुनी?

बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रविवार को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का दौरा किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक बच्ची की मौत स्वास्थ्य मंत्री की मौजूदगी में ही हो गई थी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि रविवार को भी सात बच्चों की मौत हो गई।