लंबी चली सियासी उठा-पटक के बाद आख़िरकार अमेरिका में सत्ता परिवर्तन हो गया है। बुधवार को जो बाइडेन ने अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली।

उन्होंने राष्ट्रपति बनते ही वो किया, जिसकी पूरी दुनिया को उम्मीद थी। उन्होंने कई अहम फैसले लेने के साथ ही पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के कई फैसले पलट दिए। उन्होंने सीरीज ऑफ ऑर्डर्स पर साइन किए।

बाइडेन ने पेरिस जलवायु समझौते से फिर जुड़ने का फैसला किया है। पिछले साल अमेरिका इस समझौते से बाहर हो गया था। इसके साथ ही कोरोना महामारी के दौरान ट्रंप ने WHO से भी दूरी बना ली थी। बाइडेन ने ट्रंप के इन फैसलों को ख़ारिज कर दिया है।

इसके अलावा, बाइडेन ने अमेरिका में ‘मुस्लिम ट्रैवल बैन’ को भी खत्म कर दिया। इससे पहले ट्रंप ने कुछ मुस्लिम देशों और अफ्रीकी देशों के अमेरिका में ट्रेवल पर रोक लगा दी थी।

इतना ही नहीं, बाइडेन ने मैक्सिको बॉर्डर पर दीवार बनाने के ट्रंप के फैसले को भी पलट दिया और इसके लिए फंडिंग भी रोक दी। मैक्सिको ने बाइडेन के इस फैसले का स्वागत किया है।

शपथ ग्रहण के बाद जो बाइडेन ने स्पीच देते हुए अपनी जीत को लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने कहा, “आज, हम एक उम्मीदवार की नहीं बल्कि लोकतंत्र की जीत का जश्न मना रहे हैं। लोगों और उनकी इच्छाओं को सुना गया है।

हमने फिर से सीखा है कि लोकतंत्र अनमोल है, इस समय लोकतंत्र नाजुक है, मेरे मित्र लोकतंत्र प्रबल है”।

बाइडेन ने कहा, “मैं उन ताकतों को जानता हूं जो हमें बांट रहे हैं। वे गहरे और और वास्तविक हैं। लेकिन मैं यह भी जानता हूं कि वे नए नहीं हैं। हमारा इतिहास अमेरिकी आदर्श के बीच एक निरंतर संघर्ष का रहा है। नस्लवाद, राष्ट्रवाद, भय, प्रदर्शन ने हमें अलग करने की कोशिश की है।”

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