लद्दाख के एलएसी पर अब स्थिति यह है कि चीन भारत के करीब 1000 वर्ग किमी. का क्षेत्र अपने कब्जे में ले चुका है।

इस संदर्भ में केंद्र सरकार को खुफिया जानकारी मिल चुकी है। दरअसल चीन ने कोरोना महासंकट में किए गए लॉकडाउन के दौरान एलएसी के पास अपने सैनिकों की तैनाती और उनकी उपस्थिति को और भी मजबूत कर दिया है।

जिसके बाद जून में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए हैं।

खबर के मुताबिक, इस वक़्त गलवान घाटी में 20 वर्ग किमी., हॉट स्प्रिंग्स में 12 वर्ग किमी. पैंगॉन्ग सो में 65 वर्ग किमी. और चुसुल में 20 वर्ग किमी. का इलाक़ा चीन के कब्ज़े में है।

सोचने वाली बात यह है कि चीन को लाल आंखें दिखाने का दावा करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नाक तले चीनी सैनिक एलएसी के पर कब्जा जमा रहे हैं। लेकिन भारत सरकार इसपर कोई भी स्ट्राइक करने के मूड में नहीं है।

इस मामले में भारत सरकार द्वारा बयान जारी किया गया है कि चीनी सैनिकों ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर बनी सहमति का उल्लंघन किया है। लेकिन उनकी कोशिश नाकाम रही है। भारतीय सैनिकों ने उन्हें मुंह तोड़ जवाब दिया है।

आपको बता दें कि चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच 15 जून को हुई हिंसक झड़प के बाद अभी बातचीत चल रही है। लेकिन तनाव अभी भी बरकरार है। हालांकि, चीन ने अपने सैनिकों के एलएसी को पार करने की ख़बरों का खंडन किया है।

गौरतलब है कि भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद भारत सरकार ने अपने देश में चलने वाली कुछ चीनी एप्स को बैन कर दिया है। भाजपा समर्थक मोदी सरकार द्वारा उठाए गए इसी कदम से काफी खुश हैं। लेकिन एलएसी पर चल रहे तनाव को दूर करने के लिए कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की है।

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