चार दिन से भारतीय सेना का AN-32 विमान लापता है और साथ ही में उस विमान में सवार 13 लोग भी लापता है. तमाम सर्च ऑपरेशन्स के बावजूद उन्हें ढूंढ़ने में सफलता हासिल नहीं हुई है. लेकिन लोक सभा चुनावों में खुदको चौकीदार बताने वाले नरेंद्र मोदी ने इस मामले पर एक ट्वीट करना भी ज़रूरी नहीं समझा है.

तीन जून से लापता AN-32 विमान और उसमें यात्रा कर रहे 13 लोगों की खोज में आर्मी से लेकर ISRO की टीमें काम कर रही हैं. अभी तक उन सबका कुछ पता नहीं चल पाया है.

भारतीय वायु सेना के इस विमान ने असम के जोरहाट से करीब 12:25 बजे उड़ान भरी थी. उसे 1:30 बजे अरुणाचल प्रदेश के मेचूका एडवांस लैंडिंग ग्राउंड पर लैंड करना था. लेकिन 1 बजे ये विमान रडार से गायब हो जाता है और चार दिन बाद भी इसको खोजा नहीं जा सका है.

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इसी मुद्दे पर कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने ट्वीट कर लिखा, “आधी रात” को बालाकोट एयर स्ट्राइक हुई और सुबह से भाजपा नेताओं में मारे जाने वाले आतंकियों की “संख्या” बताने की होड़ मच गई। तीन दिन से सेना का विमान “लापता”है और सबको मानो सांप सूंघ गया है। “कैसे देश सुरक्षित हाथों में है।”

अब सवाल उठता है कि आखिर मज़बूत भारत बनाने का दावा करने वाले प्रधानमंत्री मोदी इसपर क्या जवाब देंगे? वो इस मामले पर एक भी ट्वीट क्यों नहीं कर पाए?
राष्ट्रीय सुरक्षा केवल पाकिस्तान पर स्ट्राइक करने से सुनिश्चित नहीं की जा सकती है. भारतीय वायु सेना के एक विमान का इस तरह से गायब हो जाना भी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है.