उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े बयानबाज़ी करते हैं। लेकिन प्रदेश का एक शहर ‘रेप कैपिटल’ बन गया है। उन्नाव शहर देश में रेप कैपिटल के नाम से जाना जा रहा है। बता दे की इस वर्ष 2019 में जनवरी से लेकर नवंबर तक 86 दुष्कर्म के मामले सामने आए हैं।

योगी सरकार के खुद क्राइम आँकड़े बता रहें है की इसी दौरान जिले में महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के 185 मामले भी सामने आए हैं। कुलदीप सिंह सेंगर दुष्कर्म मामले और गुरुवार को महिला को आग लगाने के मामले से अलग कुछ अन्य महत्वपूर्ण मामले भी हैं।

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जहां उन्नाव के असोहा, अजगैन, माखी और बांगरमऊ में दुष्कर्म और छेड़खानी के मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से अधिकतर मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें या तो जमानत पर रिहा कर दिया गया, या फिर वे फरार चल रहे हैं।

बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित, कानून मंत्री बृजेश पाठक और भारतीय जनता पार्टी के सांसद साक्षी महाराज उन्नाव से ही आते हैं। लेकिन वहां की महिलाओं के साथ आज क्या दुर्गति हो रहीं है उसपर पूरा देश शर्मसार है। योगी के ये मंत्री और सांसद अक्सर महिलाओं को लेकर ओछी और नीच बयानबाज़ी करते पाए गए हैं। योगी के रामराज्य में महिलाओं के इस हालात पर विपक्ष जमकर हमला कर रहा है।

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पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता डॉ उदित राज ने ट्वीट कर कहा- ‘यूपी में जो चल रहा है, उससे कम सब को शर्मसार होना चाहिए। योगी सरकार की लापरवाहियों की वजह से उत्तरप्रदेश बलात्कार प्रदेश बन गया है। लाश को कब्र से निकालकर बलात्कार करने की बात करने वाले लोग सत्ता में आयेंगे तो यही होगा’।

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