बीजेपी आईटी सेल चीफ़ अमित मालवीय एक बार फिर झूठ बोलते पकड़े गए हैं। इस बार उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा ट्विटर पर शेयर की गई एक तस्वीर को लेकर झूठ बोला।

उन्होंने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया कि राहुल गांधी ने प्रॉपगैंडा के तहत तस्वीर शेयर की। उनके इस दावे पर ट्विटर इंडिया ने फैक्ट चेक किया और मालवीय को आइना दिखा दिया।

ट्विटर इंडिया ने मालवीय के ट्वीट को ग़लत और अधूरी जानकारी देने वाला बताया। ट्विटर ने अपनी पॉलिसी के तहत मालवीय द्वारा शेयर किए गए वीडियो पर Manipulated media की मुहर लगा दी।

मतलब मालवीय ने जो वीडियो शेयर किया है, उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। ट्विटर ने भारत में पहली बार किसी ट्वीट पर Manipulated media का टैग लगाया है। अमेरिका और दूसरे देशों में पहले भी ऐसा होता रहा है।

आइये जानते हैं पूरा मामला क्या है?

दरअसल, नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की गई थी। इस तस्वीर में सुरक्षा बल का एक जवान बुज़र्ग किसान पर लाठी ताने नज़र आ रहा है।

इसी तस्वीर को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्विटर पर शेयर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था। राहुल गांधी ने लिखा था कि ये फोटो बड़ी दुखद है और इसमें देखा जा सकता है कि कैसे प्रधानमंत्री के अहंकार ने जवान को किसान के खिलाफ खड़ा कर दिया है।

राहुल के इस ट्वीट पलटवार करते हुए अमित मालवीय ने एक वीडियो शेयर किया। जिसमें उन्होंने ये बताने की कोशिश की कि राहुल ने जो फ़ोटो ट्विटर पर शेयर की है, वह प्रॉपगैंडा है। यानी फोटो में जिस किसान को मारे जाने की बात कही जा रही है, असल में पुलिस ने उसे छुआ तक नहीं।

लेकिन जब अमित मालवीय के इस वीडियो का फैक्ट चेक किया गया तो उनका दावा झूठा निकला। अंतरराष्ट्रीय मीडिया द्वारा शेयर किए गए घटना के वीडियो को देखा गया तो मिला कि बुज़ुर्ग किसान पर पुलिस की तरफ से लाठीचार्ज किया गया था। इस सच्चाई के सामने आने के बाद ट्विटर ने मालवीय के वीडियो को तोड़ मरोड़ कर दिखाया गया वीडियो बता दिया।

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