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उत्तर प्रदेश के उन्नाव में रेप पीड़िता को ज़िंदा जलाने के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने ये गिरफ्तारी पीड़िता के बयान के आधार पर की है।

पीड़िता ने पुलिस को बताया है कि उसके साथ रेप करने वाले हरीशंकर त्रिवेदी और शुभम त्रिवेदी ने अपने तीन साथियों राम किशोर त्रिवेदी, शिवम् त्रिवेदी और उमेश वाजपेयी के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। पीड़िता ने बताया कि जब वह रेप केस की सुनवाई के लिए रायबरेली जा रही थी तो इन पांचों ने उसे रास्ते में रोक लिया और उसपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

आरोपियों के नाम तो सामने आ गए और उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया गया है। लेकिन हैदराबाद गैंगरेप केस की तरह इन आरोपियों के लिए फांसी पर लटकाने, बीच चौराहे पर गोली मारने जैसी मांगें नहीं सुनाई दे रही हैं।

सोशल मीडिया पर भी इन नामों को लेकर सन्नाटा पसरा हुआ है। इनके नामों का कोई हैशटेग भी दिखाई नहीं दे रहा। क्या इन नामों पर ये ख़ामोशी इसलिए है क्योंकि ये नाम कथित तौर पर समाज के सबसे उंचे वर्ग से जुड़े हैं।

जब हैदराबाद गैंगरेप केस में चार आरोपियों में एक नाम मुसलमान का निकला था तो उसके नाम से सोशल मीडिया पर हैशटेग चलाए जा रहे थे। उस केस में एक आरोपी मुस्लिम था तो उसके नाम के साथ ही पूरे मुस्लिम समाज को टार्गेट किया जा रहा था। कई कट्टरपंथी लोग बेटियों को बचाने के लिए देश में रह रहे तमाम मुसलमानों को बाहर निकाले जाने की मांग कर रहे थे।

लेकिन वही लोग जो बेटियों को बचाने के लिए मुसलमानों के ख़िलाफ़ हैशटैग चला रहे थे। वह उन्नाव केस में आरोपियों के नाम सामने आने के बाद ख़ामोश हैं। उन्नाव केस में पांचों आरोपी ब्राह्मण समाज से आते हैं। इन पांचों ने ऐसे जघन्य अपराध को अंजाम दिया है, जिससे पूरी इंसानियत शर्मसार है। लेकिन इन लोगों के नाम का इस्तेमाल करते हुए ब्राह्मण समाज के ख़िलाफ़ कोई मुहिम नहीं चलाई जा रही।

जाति के नाम से कोई मुहिम नहीं चलाई जा रही ये अच्छी बात है। ऐसा होना भी नहीं चाहिए। अपराध का संबंध न तो जाति से होता है और न ही धर्म से। अपराधी की पहचान उसके अपराध से होती है न कि उसके जाति या धर्म से। लेकिन सवाल ये है कि दो एक जैसे मामलों में अलग-अलग रवैये क्यों? एक जगह मुस्लिम समाज को टार्गेट किया गया तो दूसरी तरफ़ जाति का नाम तक नहीं लिया जा रहा। ऐसा क्यों?

पत्रकार प्रशांत कनौजिया ने तंज़िया अंदाज़ में इस क्यों का जवाब दिया है। उन्होंने ट्विटर के ज़रिए कहा, “उन्नाव में हुई वीभत्स घटना के आरोपियों के नाम हैं….. हरिशंकर त्रिवेदी, राम किशोर त्रिवेदी, उमेश वाजपेयी, शिवम् त्रिवेदी शुभम त्रिवेदी अब जल्दी इनके लिए तिरंगा यात्रा निकाला जाएगा”।

प्रशांत ने यहा तिरंगा यात्रा का ज़िक्र इसलिए किया है क्योंकि इससे पहले कठुआ केस में रेप आरोपियों के समर्थन में तिरंगा यात्रा निकाली जा चुकी है। वहां रेप मुस्लिम बच्ची का हुआ था और आरोपी हिंदू समाज के लोग थे।

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