लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण के ख़त्म होने के साथ ही कई मीडिया संस्थानों ने 19 मई को एग्जिट पोल जारी किए हैं. ‘गोदी मीडिया’ कहे जाने वाले संस्थानों ने अपने ‘एग्जिट पोल्स’ में भाजपा को बड़ी जीत दिलाई है.

आज तक के एग्जिट पोल्स में भाजपा को 339 से 365 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है. इस चैनल ने बिहार में भाजपा+ को 40 में से 38-40 सीटें दी हैं और महागठबंधन को मात्र 0 से लेकर 2 सीटें.

कुछ ऐसा ही हाल अन्य मीडिया संस्थानों के एग्जिट पोल का भी है. इसी पर तंज कस्ते हुए राजद नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया- “एग्ज़िट से पहले बाज़ार की अपनी मजबूरियाँ एग्जिट पोल के नाम से बेची जाती हैं। संघ समर्थित संस्थानों और संसाधनों की मदद से वंचितो के मनोविज्ञान से खेलना इनका पुराना हथियार है। इसे ख़ारिज करें। हम जीत रहे है। स्ट्रोंग रूम पर कड़ी निगरानी रखे। गंदे खेल के माहिर लोगों की चाल कामयाब ना हो।”

तेजस्वी यादव का ये कटाक्ष कथित गोदी मीडिया के एग्जिट पोल्स पर किया गया है. उन्होनें इन मीडिया संस्थानों को संघ समर्थक बताया है जो राजद और गठबंधन के समर्थकों का मनोबल तोड़ना चाहते हैं. तेजस्वी ने अपने समर्थकों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि बिहार में गठबंधन जीतेगा.

जब साल 2014 में मोदी लहर थी और अधिकतर पार्टियां अलग-अलग लड़ रही थीं, तब भी राजद को 4 सीटें मिली थीं. लेकिन इस बार इस मीडिया ने अपने एग्जिट पोल में राजद को एक भी सीट देना सही नहीं समझा है.

हालाँकि ये एग्जिट पोल महज पूर्वानुमान हैं असली फैसला तो 23 मई को ही आएगा.

राजद नेता तेजस्वी ने एक अहम सवाल उठाया है कि कहीं एग्जिट पोल्स के ज़रिए जनता का मनोबल पहले से ही तो तोड़ा तो नहीं जा रहा? कहीं कोई बड़ा खेल तो नहीं किया जा रहा है और आने वाले रिजल्ट के लिए सबको पहले से ही तो मानसिक रूप से तैयार तो नहीं किया जा रहा ?

क्योंकि चुनावों में भी EVM पर जमकर सवाल उठते रहे हैं.और पूरी की पूरी सरकारी मशीनरी भी संदिग्ध है

हो सकता है कि इन एग्जिट पोल्स के ज़रिए इन सवालों को ही दबा दिया जाए, अगर ऐसा हुआ तो ये लोकतंत्र के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण होगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here