भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका में बढ़ती महंगाई और कमज़ोर होती अर्थव्यवस्था के चलते काफ़ी दिनों से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है। राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग और उनके घर के बाहर हुई हिंसा के बाद देश में आपातकाल लगा दिया गया है। राजपक्षे ने सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति के रखरखाव के नाम पर ऐसा आदेश दिया है।

श्रीलंका की आर्थिक स्थिति पस्त होने के चलते जनता गुस्से में है। ‘हिंदुस्तान’ की खबर के अनुसार वहां पर अर्थव्यवस्था ध्वस्त होने की कगार पर है। श्रीलंका में चाय तक 100 रूपए की मिल रही है। श्रीलंका ने विभिन्न देशों से करीब 3500 करोड़ डॉलर का क़र्ज़ लिया है। बेरोज़गारी और कमरतोड़ महंगाई के कारण जनता नाखुश है।

इस सबसे तंग आकर प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार को कोलोंबो में राष्ट्रपति राजपक्षे के घर के पास लगे बैरिकेड्स को तोड़ दिया। उन्होनें वाहनों में आग भी लगाई। जवाबी कार्रवाई करते हुए सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोलों और वाटर केनन का इस्तेमाल किया। जिसके बाद 50 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।

राजपक्षे ने शुक्रवार देर रात श्रीलंका में एक अप्रैल से तत्काल प्रभाव से सार्वजनिक आपातकाल लागू करने की घोषणा कर दी। उन्होनें कहा, “मेरी राय में श्रीलंका में आपातकाल लागू करना सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ समुदायों के लिए जरूरी वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति बनाए रखने के हित में है।” आपातकाल में श्रीलंका की पुलिस को ‘गैरकानूनी रूप से एकत्रित होने वालों’ को गिरफ्तार करने की असीम शक्ति मिल जाती है।

भारत की तरफ से श्रीलंका को 40,000 टन चावल की सप्लाई भेजी गई है। इसी के साथ-साथ 40,000 टन डीजल की खेप भी उपलब्ध करवाई गई है। भारत जनवरी से लेकर अब तक श्रीलंका की 2.4 अरब डॉलर की वित्तीय मदद कर चुका है।

फिलहाल श्रीलंका में रोज़मर्रा की चीज़ों की भी भारी किलत है। एक कप चाय 100 रूपए में बिक रही है, मिर्च 700 रूपए किलोग्राम बिक रही है, एक किलो आलू 200 रूपए का हो गया है और शहरों में 15 घंटे तक बिजली काटी जा रही है।

पड़ोसी मुल्क के ऐसे हालात देखकर भारत में भी लोग चिंता व्यक्त कर रहे हैं। क्योंकि यहां भी आर्थिक संकट के बीच बढ़ती महंगाई चरम सीमा पर है। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए पत्रकार कृष्णकांत लिखते हैं – “श्रीलंका की तरफ देखिए और सोचिए कि आर्थिक तबाही का अंजाम क्या होता है। डूबते बैंक और लुटता खजाना आपको भी ऐसे दिन दिखा सकते हैं।”

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