16 मई को मालेगांव बम धमाके की आरोपी और भोपाल लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर ने गांधी के हत्यारे गोडसे को देशभक्त बताया। प्रज्ञा के इस विवादित बयान की वजह से बीजेपी की जमकर आलोचना हो रही है। हालांकि प्रज्ञा ने अपने इस बयान के लिए माफी मांग ली है लेकिन अब भी कई बीजेपी नेता और मंत्री प्रज्ञा के बयान का समर्थन कर रहे हैं।

शायद यही वजह है कि ये मामला अब भी सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। नर्मदा बचाओं आंदोलन की पुरोधा और चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने प्रज्ञा ठाकुर के बयान की आलोचना करते हुए ट्विटर पर एक वीडियो जारी किया है।

मोदी प्रज्ञा को ग़लत बताते हैं लेकिन पार्टी से नहीं निकालते, मतलब मोदी भी गोडसे को देशभक्त मानते हैं

मेधा पाटकर वीडियो में कह रही हैं कि ‘राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे गोडसे को देशभक्त बताने वाली प्रज्ञा ठाकुर को अब साध्वी कहना मुश्किल है। देशभक्ति और राष्ट्रभक्ति की एक विकृत परिभाषा जो बीजेपी ने देश में लायी है हम उसका निषेध करते हैं। प्रज्ञा ठाकुर पर उनके बयान के लिए कार्रवाई होनी चाहिए। प्रज्ञा चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रपिता के हत्यारे को देशभक्ति कहती हैं… ये बात आम जनता कभी सहन नहीं कर पाऐगी और आने वाले दिनों में वोट भी नहीं देगी।’

बता दें कि चुनाव प्रचार के दौरान जब साध्वी प्रज्ञा ठाकुर से पत्रकारों ने सवाल किया कि कमल हसन ने नाथूराम गोडसे को हिंदू आंतकवादी बताया था, इस बारे में वह क्या कहना चाहती हैं।

तो इसपर प्रज्ञा ठाकुर ने कहा, ‘नाथूराम गोडसे देशभक्त थे। देशभक्त हैं और देशभक्त रहेंगे। उन्हें हिंदू आतंकवादी बताने वाले अपने गिरेबान में झांककर देखें। अबकी बार चुनाव में ऐसे लोगों को जवाब दे दिया जाएगा।’

ग़ौरतलब है कि साध्वी प्रज्ञा जबसे भोपाल से बीजेपी की उम्मीदवार बनीं हैं तबसे वह लगातार अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में हैं। इससे पहले उन्होंने मुंबई हमले में शहीद हुए एटीएस चीफ हेमंत करकरे के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उनके विवादित बयानों के कारण चुनाव आयोग कई बार उनके चुनाव प्रचार करने पर रोक भी लगा चुका है।