पंजाब और हरियाणा के किसानों का कृषि कानून को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ हल्ला बोल जोरों शोरों से जारी है। आंदोलनकारी किसानों को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस के साथ बीएसएफ को भी तैनात कर दिया गया है।

किसानों को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस और बीएसएफ द्वारा सरकार के आदेश के तहत वाटर कैनन चलाए जा रहे हैं और आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं।

पहले पंजाब और हरियाणा के किसानों ने दिल्ली चलो मार्च शुरू किया था। लेकिन जिस तरह से हरियाणा सरकार ने किसानों पर क्रूर कार्रवाई की है। उसके बाद उत्तर प्रदेश के किसानों ने भी मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

सोशल मीडिया पर किसानों पर किए जा रहे इस अत्याचार का जमकर विरोध हो रहा है। स्थिति कुछ ऐसी है कि जो बीएसएफ के जवान भले ही किसानों पर वाटर कैनन चला रहे हैं। वही किसान देश के जवानों की मदद के लिए खड़े हैं।

ट्विटर के जरिए एक तस्वीर सामने आई है। जिसमें देखा जा सकता है कि ट्रक में कुछ किसान बैठे हुए हैं और बीएसएफ के प्यासे जवान को अपने छोटे से टैंकर से पानी पीने दे रहे हैं।

इस तस्वीर को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा है कि “किसान का दिल देखो.. जो जवान किसान पर लाटी चला रहा हैं, रास्ता रोक रहा है, वह उसे भी पानी पिला रहा हैं। जय किसान।”

गौरतलब है कि ये तस्वीर देश के अन्नदाताओं की दरियादिली और इंसानियत की मिसाल पेश करती है। उन्होंने साबित कर दिया है कि उनकी लड़ाई देश की सरकार से है। आम लोगों या सेना और पुलिस से नहीं।

आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी किसानों को शहर में प्रवेश करने से रोकने के लिए सिंघु बॉर्डर पर सुरक्षाकर्मियों की तादाद बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस ने राज्य सरकार से किसानों को गिरफ्तार करने के लिए 9 स्टेडियम की मांग की है। ताकि उन्हें अस्थाई जेल बनाया जा सके।

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