sikh muslim
फोटो- प्रतीकात्मक

दिल्ली में दंगा भड़काकर आपसी भाईचारा तोड़ने की कितनी भी कोशिश कर ली जाए लेकिन दिल्ली के लोग कोई ना कोई ऐसी मिसाल पेश कर दे रहे हैं कि नफरतगर्दों के मंसूबे ध्वस्त होते दिखाई दे रहे हैं।

पहले खबर आई कि दंगाइयों ने जब सीलमपुर की मुस्लिम बस्ती पर हमला किया तो दलितों ने ना सिर्फ बचाव किया बल्कि बस्ती में जाने वाले रास्तों को ब्लॉक कर दिया। इसके बाद एक और राहत भरी खबर आ रही है कि पूर्वोत्तर दिल्ली में दंगे के बीच फंसे मुस्लिमों के बचाव में सिख समुदाय आ गया है।

मुस्लिम बस्ती पर दंगाइयों ने किया हमला तो दलितों ने किया बचाव, जान पर खेलकर दंगाइयों को भगाया

भड़काऊ नारे लगाते हुए और हिंसक वारदात को अंजाम देते हुए दंगाइयों की भीड़ जहां स्थानीय मुसलमानों को डराने की कोशिश कर रही है वहीं सिख समुदाय उन्हें सुरक्षित निकालकर अपने गुरुद्वारे में शरण दे रहा है।

शरणार्थियों और शरणदाता सिखों की सुरक्षा के मद्देनजर इस जगह की ठीक लोकेशन ना बताते हुए सामाजिक कार्यकर्ताओं ओवैस सुल्तान खान लिखते हैं- ‘हिंदुत्व भीड़ से बचकर भाग रहे मुस्लिम परिवारों को पूर्वोत्तर दिल्ली में एक गुरुद्वारे में शरण दी है।’

नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन के बहाने समुदाय विशेष के खिलाफ नफरत फैलाने की अगुवाई कर रहे तमाम बीजेपी नेताओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। 2 दिन पहले सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों को धमकी देने वाले कपिल मिश्रा की गिरफ्तारी की मांग उठ रही है।

हालांकि पुलिस प्रशासन से किसी तरह के निष्पक्ष कार्यवाही की उम्मीद नहीं की जा रही है। ऐसे में स्थानीय लोगों का भरोसा पास पड़ोस के आपसी भाईचारा में ही रह गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here