झारखंड में भीड़ ने एक युवक की हत्या कर दी। राज्य में ऐसे मामले पहले भी होते रहे है मगर सरकार इसे रोक पाने में नाकाम साबित हुई है। चोरी का इल्जाम लगाने के बाद तबरेज अंसारी को सिर्फ इसलिए मार दिया क्योंकि वो मुसलमान था। मगर तबरेज की हत्या करने वाली भीड़ ने ना सिर्फ उसे बांधकर मारा बल्कि जय श्री राम के नारे भी लगवाए।

इस मामले पर शायर और साहित्यकार राहत इंदौरी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा- याद आया निदा के शेर- कोई हिन्दू, कोई मुस्लिम, कोई ईसाई है, सबने इंसान ना बनने की कसम खाई है।

इंसान ना बनने की कसम खाने वाली यह भीड़ अबतक कई लोगों की जान ले चुकी है। दिल्ली से लेकर झारखंड और उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक देश के हर कोने से आए दिन लिंचिंग का मामला सामने आने लगा है।

ऐसा ही कुछ हुआ झारखंड में, जहां 17 जून की रात को (मृतक) तबरेज अंसारी जमशेदपुर स्थित अपने रिश्तेदार के घर से वापस अपने गांव कदमडीहा लौट रहा था।

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इसी दौरान धातकीडीह गांव में ग्रामीणों ने मोटरसाइकिल चोरी के आरोप में उसे पकड़ लिया और रात भर बांधकर पिटाई की। अगले दिन सुबह उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने पहले उसका इलाज सदर अस्पताल में कराया, फिर शाम को जेल भेज दिया।

इसके बाद 22 जून की सुबह तबरेज को जेल से गंभीर हालत में सदर अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मौत हो गयी।

मृतक के परिजनों ने उसके जिंदा होने का दावा कर उसे रेफर करने की मांग की जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने उसे जमशेदपुर के टीएमएच अस्पताल रेफर कर दिया। वहां भी डॉक्टरों ने तबरेज को मृत करार दिया था।