हाल ही में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने देश की न्यायपालिकाओं को धमकी देते हुए कहा था कि फैसला हिंदुओं की भावना को नज़रअंदाज़ करते हुए न सुनाएं, नहीं तो इसके परिणाम बुरे हो सकते हैं। शाह के इस बयान का अब असर देखने को मिल रहा है।  

ख़ुद को भारतीय सेना का जवान कहने वाले एक शख़्स ने सुप्रीम कोर्ट के जजों को बेहद गंदी गालियों के साथ धमकी दी है कि अगर उनके फैसलों में हिंदुओं की आस्था और भावना का ख़्याल नहीं रखा गया तो उन्हें गोली मार दी जाएगी।

कार्तिक नाम के इस शख़्स ने वीडियो के ज़रिए जजों को धमकी दी है। वीडियो में कार्तिक ऐसी जगह खड़ा दिखाई दे रहा है जहां सेना की वर्दी साफ़ तौर पर ऩजर आ रही है। वीडियों में कार्तिक ख़ुद को सेना का जवान बताने के साथ ही अपने सिर पर सेना की टोपी भी दिखा रहा है।

बुलंदशहर हिंसा में मरने और मारने वाले दोनों हिंदू थे, अब बताओ हिंदुओं को किससे ख़तरा हैः हार्दिक पटेल

कार्तिक राम मंदिर केस और सबरीमाला मंदिर केसपर सुप्रीम कोर्ट के रवैये से इस कदर नाराज़ है कि वह वीडियो में लगातार सुप्रीम कोर्ट और उसके जजों को भद्दी-भद्दी गालियां दे रहा है और उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहा है।

उसका दावा है कि कोर्ट के जज संविधान के नामपर जानबूझकर हिंदुओं की भावनाओं को आहत करते हैं। उसका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के जज क्योंकि बाहर से पढ़कर आए हैं, इसलिए भारत के भगवानों का सम्मान नहीं करते, उन्हें भगवान नहीं समझते।

इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरु हो गया है। यूज़र्स ने कार्तिक की इस सोच के लिए सीधे तौर पर बीजेपी और केंद्र की मोदी सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है।

अयोध्या में हिंदुओं की जगह अगर मुसलमान इकट्ठा होते तो अबतक उनपर ‘पेलेट गन’ चल जातीः राम पुनियानी

लालू प्रसाद यादव नाम के एक पैरोडी अकाउंट से लिखा गया, “बेहद ख़तरनाक, देखिये भारतीय सेना का जवान कैसे खुलेआम सुप्रीम कोर्ट और चीफ जस्टिस को गंदी गाली दे रहा है मोदी शाह और भाजपा की घटिया राजनीति ने युवाओं में नफरत और जहर तो घोला ही लेकिन अब तक अक्षुण्ण रही सेना के जवानो में भी नफरत, जहर भर दिया”।

वहीं, स्वीडन के उप्साला विश्वविद्यालय में शांति और संघर्ष अनुसंधान के प्रोफेसर अशोक स्वैन नेलिखा ट्वीट कर लिखा, “मोदी-शाह गैंग भारत को गाय पर ले आए। एक भारतीय सेना का जवान खुलेआम सुप्रीमकोर्ट के जजों को हिंदुओं की भावना का सम्मान करने वाले फैसले न देने के लिए जान से मारने की धमकी दे रहा है, लेकिन कानून के शासन का पालन कर रहा है!

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

nineteen − 12 =