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मध्यप्रदेश सचिवालय में वंदे मातरम न गाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी इसके विरोध में प्रदर्शन कर रही है। बता दें कि सचिवालय में 13 सालों से महीने की पहले कार्यदिवस पर वंदे मातरम गाने की परंपरा थी।

बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इसपर आपत्ति जताई है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, वंदे मातरम से देशभक्ति की भावना हृदय में प्रज्वलित होती है। इसीलिए बीजेपी सरकार ने हर सप्ताह कैबिनेट मीटिंग से पहले वंदे मातरम गान का फैसला किया।

उन्होंने कहा कि हर मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में वंदे मातरम का गान होता था। बीजेपी की सरकार ने फैसला किया था कि हर महीने की पहली तारीख़ को वल्लभ भवन के प्रांगण में सभी कर्मचारी और अधिकारी गण की उपस्थिति में वंदे मातरम् का गान हो।

इससे पहले पूर्व सीएम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए ट्विटर के ज़रिए कहा, अगर कांग्रेस को राष्ट्र गीत के शब्द नहीं आते हैं या फिर राष्ट्र गीत के गायन में शर्म आती है, तो मुझे बता दें! हर महीने की पहली तारीख़ को वल्लभ भवन के प्रांगण में जनता के साथ वंदे मातरम् मैं गाऊंगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस शायद यह भूल गई है कि सरकारें आती है, जाती है लेकिन देश और देशभक्ति से ऊपर कुछ नहीं है। मैं मांग करता हूं कि वंदे मातरम् का गान हमेशा की तरह हर कैबिनेट की मीटिंग से पहले और हर महीने की पहली तारीख को हमेशा की तरह वल्लभ भवन के प्रांगण में हो। जय हिंद!

शिवराज सिंह के वंदे मातरम को लेकर दिए इस बयान पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने ट्विटर के ज़रिए कहा, “वन्दे मातरम् तो गाना चाहिये, लेकिन वन्देमातरम् गाकर व्यापम, कोयला और डम्पर का घोटाला कैसे किया जाता है ये ज्ञान “फ़र्ज़ी राष्ट्रवादियों” से प्राप्त करना चाहिये की नही करना चाहिये”।

वहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बीजेपी द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के जवाब में कहा कि यह निर्णय ना किसी एजेंडे के तहत लिया गया है और ना ही हमारा वंदेमातरम गान को लेकर कोई विरोध है। उन्होंने कहा कि वंदेमातरम हमारे दिल की गहराइयों में बसा है। हम भी समय-समय पर इसका गान करते है।

कमलनाथ ने कहा कि इसे फिर से शुरु करेंगे, लेकिन एक अलग रूप में। उन्होंने कहा कि हमारा यह भी मानना है कि सिर्फ एक दिन वंदेमातरम गाने से किसी की देशभक्ति या राष्ट्रीयता परिलिक्षित नहीं होती है। उन्होंने कहा कि देशभक्ति व राष्ट्रीयता को सिर्फ एक दिन वंदेमातरम गान से जोड़ना गलत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में रहने वाला हर नागरिक देशभक्त, राष्ट्र भक्त है। उससे किसी भी प्रकार के प्रमाणपत्र लेने की और ना उसे किसी को देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस पर राजनीति ना करे। हम इसे नए रूप में शीघ्र निर्णय लेकर लागू करेंगे।