बीजेपी ने भोपाल लोकसभा सीट से मालेगांव बम धमाकों की मुख्य आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को अपना उम्मीदवार बनाया है। साध्वी प्रज्ञा को टिकट दिए जाने पर विपक्षी दल के नेताओं से लेकर कई पत्रकार सवाल उठा रहे हैं।

इन सभी का सवाल है कि भारत की एक राष्ट्रीय पार्टी कैसे एक आतंकवाद की आरोपी को चुनावी मैदान में उतार सकती है। यह सवाल इसलिए भी है क्योंकि साध्वी प्रज्ञा मालेगांव ब्लास्ट केस में अभी भी आरोपी हैं। वह वर्तमान में मुकदमे का सामना कर रही हैं। इस केस के विशेष लोक अभियोजक अविनाश रसाल के मुताबिक साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर इस मामले की एक आरोपी हैं।

हालांकि बीजेपी उन्हें आतंकी नहीं मानती। ख़ुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह बात कह चुके हैं कि हिंदू आतंकवाद नाम की कोई चीज़ नहीं है। यह कांग्रेस द्वारा षणयंत्र के तहत दी गई एक फर्जी थ्योरी है। बीजेपी भले ही साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को आतंकी न मानती हो, लेकिन बम धमाके के मामले में उनकी संलिप्तता को कोर्ट ने भी माना है। जिसकी वजह से वह 9 साल जेल में रह चुकी हैं और अभी भी ज़मानत पर बाहर हैं।

पत्रकार साक्षी जोशी ने बीजेपी के इस रवैया पर ज़ोरदार कटाक्ष किया है। उन्होंने ट्विटर के ज़रिए कहा, “पाकिस्तान मसूद अज़हर को आतंकी नहीं मानता। और भारत प्रज्ञा ठाकुर को नहीं मानता। हिसाब बराबर”।

वहीं जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, “सोचिए, अगर मैं एक आतंकवादी को चुनाव मैदान में उतारती, तब क्या होता। अब तक mehboobaterrorist  हैशटैग ट्रेंड करने लगता। इन लोगों के अनुसार जब भगवा कट्टरपंथियों की बात हो तब आतंक का कोई धर्म नहीं होता है लेकिन मुसलमान हो तो सभी मुसलमान आतंकवादी हैं, निर्दोष साबित होने तक दोषी माना जाता है”।

बता दें कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर साल 2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस की मुख्य आरोपी रही हैं। वह इस केस में 9 सालों तक जेल में भी रही हैं। फिलहाल वो जमानत पर हैं। इस धमाके में 7 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 80 लोग जख्मी हुए थे।

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