आज यानि 21 जून को भारत समेत दुनियाभर में पांचवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। योग दिवस का मुख्य आयोजन दिल्ली को छोड़कर झारखंड की राजधानी रांची किया गया। मुख्य इसीलिए, क्योंकि रांची के इस कार्यक्रम में खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाग लिया। लेकिन क्या पीएम मोदी का रांची में होना एक सामान्य बात है या फिर इस कार्यक्रम से झारखंड विधानसभा चुनाव का बिगुल फुकना है?

प्रधानमंत्री मोदी ने एक इन्टरव्यू में कहा था कि उनके कार्यक्रम ऐसे ही नहीं बनाए जाते उसके पीछे कई कारण होते हैं। तो इस बार भी दिल्ली से दूर रांची में पीएम का होना इस साल झारखंड में होने वाले विधानसभा की एक तैयारी है। लेकिन पीएम बगल के राज्य बिहार के मुज्जफरपुर में अभी तक नहीं गए! जहां सैकड़ों बच्चों की चमकी बुखार से मौत हो गई है। बता दें कि बिहार में अगले साल चुनाव हैं।

पीएम के रांची में योग कार्यक्रम में शामिल होने पर रलोसपा के नेता और पूर्व पत्रकार फज़ल इमाम मलिक ने फेसबुक पोस्ट लिखकर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा है कि, “झारखंड में विधानसभा का चुनाव है। साहब पहुंच गए योग दिवस पर शानदार आयोजन मनाने। मुज्जफरपुर में बच्चे मर रहे हैं तो मरने दें। बिहार में चुनाव अगले साल है, तब सोचेंगे। फ़िलहाल तो योग कर रहे हैं।”

 

उन्होंने आगे लिखा है, “गरीबों के आंसू कौन देखता है? अगले साल देशभक्ति का मरहम रख देंगे। अपने मीडिया वाले हैं ही चिल्लाने के लिए, क्या फर्क पड़ता है। अभी वे शिखर धवन और योग में व्यस्त हैं। सांसदों को भोज दे रहे हैं, ठहाके लगा रहे हैं। लेकिन याद रखें समय लिखेगा आपका भी अपराध।”

हालाँकि इस मौके पर पीएम ने कहा कि, “योग सबका है और सब योग के हैं। योग धर्म जाति से ऊपर है। योग का पालन जीवनभर करना है। इसीलिए योग को हर इंसान की जिंदगी का हिस्सा बनाने के लिए हमें निरंतर काम करना होगा।”