बिहार में 1 विधानसभा सीट के लिए हो रहे उपचुनाव के परिणाम आ चुके हैं। राष्ट्रीय जनता दल के अमर पासवान ने बीजेपी की बेबी कुमारी को 36653 मतों से हरा दिया है।

विकासशील इंसान पार्टी की गीता कुमारी को 29279 वोट मिले हैं। VIP के तत्कालीन विधायक मुसाफिर पासवान के निधन के बाद खाली हुई सीट पर उपचुनाव हुआ तो बिहार में कई राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिले। पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी की डांवाडोल स्थिति देख मुसाफिर पासवान के बेटे अमर पासवान ने आरजेडी के सिंबल से लड़ने का निर्णय लिया तो बीजेपी की तरफ से बेबी कुमारी को प्रत्याशी बनाया गया। ऐसे में ठीक पलटवार करते हुए मुकेश साहनी ने आरजेडी के कद्दावर नेता रहे रमई राम की बेटी गीता कुमारी को चुनाव लड़ा दिया।

बोचहां सीट पर त्रिकोणीय लड़ाई देखने के बाद से ही अंदाजा लगाया जा रहा था कि एनडीए को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा क्योंकि डेढ़ साल पहले हुए आम विधानसभा चुनाव में मुकेश साहनी बीजेपी और जेडीयू के साथ लड़े थे। इस बार उनके प्रत्याशी को मिलने वाले वोट कहीं न कहीं बीजेपी को नुकसान पहुंचाते दिखे।

इस बात की पुष्टि अंतिम नतीजों से हो जाती है कि आरजेडी के अमर पासवान 36653 वोट से जीते हैं और इसी सीट पर वीआईपी की गीता कुमारी को 29279 वोट मिले हैं। यानी नि:संदेह इस सीट पर आरजेडी जीतने जा रही थी मगर आरजेडी और बीजेपी के बीच कुल मतों के अंतर में वीआईपी की भूमिका को दरकिनार नहीं किया जा सकता।

हालांकि इससे उलट भी दावा किया जा सकता है की वीआईपी को मिलने वाले वोट रमई राम और गीता कुमारी की व्यक्तिगत सामाजिक पूंजी भी हो सकती है, जो आरजेडी के साथ रहकर हासिल की गई थी। खैर, आखिर परिणाम आ चुके हैं और आरजेडी विजेता बनकर उभरी है।

ये जीत इसलिए भी अहम हो जाती है क्योंकि जहां एक तरफ बीजेपी, जेडीयू, HAM और पारस पासवान के नेतृत्व वाली एलजेपी साथ साथ चुनाव लड़ रही थी वहीं दूसरी तरफ आरजेडी की सहयोगी कांग्रेस असहयोग दिखाते हुए खुद भी चुनाव लड़ रही थी। हालांकि इस उपचुनाव में वामपंथी दलों ने अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था।

इतने दलों और इतने नेताओं की घेराबंदी के बाद, ये सीट जीतने में सफल रही आरजेडी निश्चित ही आगामी आम चुनाव में इस बात का मनोवैज्ञानिक फायदा लेते हुए दिखाई देगी।

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