अलग-अलग वजहों से मुसलमानों की मॉब की सीरीज़ के बाद अब नमाज़ के विरोध की श्रृंखला शुरू हो चुकी है। भाजपा और अन्य हिन्दुत्ववादी संगठन लगातार नमाज़ को निशाना बना रहे हैं।

पिछले कुछ माह से कई हिंदूत्ववादी संगठन के सदस्य ने उन जगहों पर इकट्ठा हो रहे हैं जहां मुस्लिम समुदाय के लोग खुले स्थान पर नमाज़ अदा करते हैं। इस दौरान ”भारत माता की जय” और ”जय श्री राम” के नारे भी लगाए जाते हैं।

जिस देश के प्रधानमंत्री एक खास धर्म के पूजा स्थल (जो मस्जिद तोड़कर बन रही है) का भूमि पूजन करते हैं। तमाम कर्मकाण्ड का हिस्सा बनते हैं।

जिस देश में आए दिन जागरण और सत्संग के नाम पर सड़कों को जाम किया जाता है, वहां सिर्फ मुसलमानों से ये उम्मीद की जाती है कि वो सड़क पर नमाज ना पढ़ें। शायद ये सोच आरएसएस के उस प्रचार का नतीजा है जिसके मुताबिक मुसलमान भारत में दोयम दर्जे के नागरिक हैं।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने तो धमकी भरे लहजे में कहा है कि खुले में नमाज पढ़ना सहन नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, ”धार्मिक स्थल इसी मकसद से बनाए जाते हैं कि लोग वहां जाएं और पूजा-अर्चना करें। इस तरह के कार्यक्रम खुले में नहीं होने चाहिए। जगहों पर नमाज पढ़कर टकराव से बचना चाहिए।”

मनोहर लाल खट्टर के इस बयान पर तंज करते हुए राष्ट्रीय जनता दल ने ट्वीट किया है कि, ”खुले में नमाज़ नहीं पढ़ सकते पर मॉब लिंचिंग कर सकते हैं!”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here