श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने ईस्टर के दिन हुए बम धमाकों को रोकने में विफल रहने की बात मानते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि हम हमलों को रोकने में विफल रहने की जिम्मेदारी लेते हैं और अपने नागरिकों से माफी मांगते हैं।

विक्रमसिंघे ने ट्विटर के ज़रिए यह माफी मांगी है। उन्होंने कहा, “हमने सामूहिक जिम्मेदारी ली है और इस वीभत्स घटना से बचाने में विफल रहने के लिए हम अपने नागरिकों से माफी मांगते हैं”। उन्होंने आगे कहा, “हम अपने गिरिजाघरों का पुनर्निर्माण करने, अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और आतंकवाद को रोकने के लिए हर कदम उठाने का संकल्प लेते हैं”।

पीएम की माफी से पहले देश के पुलिस प्रमुख पुजिथ जयसंदुरा और रक्षा सचिव हेमासिरी फर्नांडो ने खुफिया जानकारी होने के बावजूद विस्फोटों को रोकने में अपनी विफलता पर इस्तीफा दे दिया था।

बम धमाकों के लिए श्रीलंका के PM ने मांगी माफी, PM मोदी पुलवामा के लिए कब मांगेंगे माफी ?

विक्रमसिंघे की माफी के बाद अब भारत में यह सवाल उठने लगे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पुलवामा में हुए आतंकी हमले के लिए कब माफी मांगेंगे। बता दें कि दो महीने से ज़्यादा वक्त बीत जाने के बाद भी पीएम मोदी ने पुलवामा हमले की ज़िम्मेदारी लेते हुए माफी नहीं मांगी है। इस हमले में सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हो गए थे।

राजनीतिक व्यंग्यकार आकाश बनर्जी ने इसपर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “मुझे भारत के प्रधानमंत्री का एक ट्वीट / प्रसारण / उद्धरण दिखाएं जिसमें आतंकी हमले के बाद बिना शर्त माफी मांगी गई है”। उन्होंने लिखा, “एक साधारण माफी भी नहीं… इसलिए हम कहते हैं, हमारे नेता अहंकारी हैं”।

बता दें कि श्रीलंका में ईस्टर के दिन तीन गिरजाघरों और तीन लग्जरी होटलों में सिलसिलेवार तरीके से हुए आठ बम धमाकों में करीब 350 लोग मारे गए थे, जबकि 500 के करीब लोग घायल हो गए थे। यह हमला देश में 2009 में गृहयुद्ध की समाप्ति के बाद का सबसे भीषण हमला है।