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पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लिए वोट मांगने वाले महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे इस बार अपनी चुनावी रैलियों में लोगों से बीजेपी के खिलाफ वोट करने की अपील कर रहे हैं।

वह अपनी हर रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर नज़र आ रहे हैं। इसी क्रम में राज ठाकरे ने अपनी एक चुनावी रैली में पीएम मोदी को दुनिया का सबसे बड़ा झूठा बताया है। उन्होंने रैली में पीएम मोदी का एक वीडियो चलाते हुए कहा, “मैंने इतना झूठा प्रधानमंत्री अपने जीवन में आजतक नहीं देखा”।

दरअसल ये वीडियो पीएम मोदी के उस भाषण का है, जो उन्होंने बिहार में स्वच्छता अभियान को लेकर दिया था। वीडियो में पीएम मोदी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उन्होंने स्वच्छता अभियान के तहत बिहार में एक हफ्ते में 8 लाख 50 हज़ार शौचालय बनवाए।

पीएम मोदी ने अपने भाषण के दौरान इस बात का दावा किया था कि देश में बिहार ही एकमात्र ऐसा राज्य था जहां स्वच्छता का दायरा 50 फीसद से भी कम था। लेकिन उनकी सरकार ने बिहार को भी स्वच्छ बना दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया कि उनकी सरकार ने राज्य में एक हफ्ते में 8 लाख 50 हज़ार शौचालय बनवा दिए।

राज ठाकरे ने पीएम मोदी के इसी दावे पर कटाक्ष करते हुए कहा, “फेंकने की भी हद होती है। 8 लाख 50 हज़ार शौचालय हमने एक हफ्ते में तैयार किए। अगर हम आंकड़े पर ध्यान दें तो इसका मतलब हुआ कि 1 मिनट में 84 शौचालय और 5 सेकंड में 7 शौचालय बनवाए गए”।

उन्होंने मज़ाक उड़ाते हुए कहा, “इतनी जल्दी तो शौच भी नहीं होती, जितनी जल्दी इन्होंने शौचालय बना दिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को लुभाने के लिए भले ही एक हफ्ते में 8 लाख 50 हज़ार शौचालय बनवाने का दावा कर दिया था, लेकिन जब इसकी पड़ताल की गई तो यह दावा झूठा साबित हुआ।

द टेलीग्राफ अखबार में स्वच्छ भारत अभियान को लेकर छपी 1 सितम्बर 2017 की रिपोर्ट में बताया गया है कि बिहार सरकार ने 2016-17 के दौरान 16 लाख शौचालय बनवाए। साथ ही सरकार ने प्रतिदिन 534 शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा है।

तो जब एक साल में सरकार 16 लाख शौचालय बना रही थी और प्रतिदिन का लक्ष्य ही 534 रखा गया था तो कैसे केवल एक हफ्ते में 8 लाख 50 हज़ार शौचालय बनाए जा सकते हैं।

वहीं अक्टूबर 2017 में NDTV ने सरकारी आकड़ों का हवाला देते हुए बताया था कि बिहार में शौचालय बनाने की गति देश के सभी राज्यों के मुकाबले बहुत कम है। जहां अन्य राज्यों में शौचालय निर्माण से 68.21% स्वच्छता प्रदान की जा रही है। वहीं बिहार में ये आंकड़ा 32.35% ही है।