देश के कोरोना ने एक बार फिर कहर बरपाना शुरु कर दिया है। सवाल लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। वहीं अब कोरोना वैक्सीन को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच विवाद शुरु हो गया है।

आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वैक्सीन का आंकड़ा पेश किया, जिसमें यह बताया गया है कि महाराष्ट्र को 7.5 लाख खुराक मिली है। वहीं उत्तर प्रदेश को 48 लाख, मध्यप्रदेश को 40 लाख, गुजरात को 30 लाख और हरियाणा को 24 लाख खुराक जारी किए गए हैं।

केंद्र सरकार की ओर से जारी इन आंकड़ों के बाद गैर भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव की तस्वीर स्पष्ट रुप से सामने आई है। इन आंकड़ों के सामने आने के बाद केंद्र की मोदी सरकार अब घिरती हुई नजर आ रही है।

इस पर महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र की आबादी 12 करोड़ से भी ज्यादा है लेकिन केंद्र की मोदी सरकार द्वारा उसे आबादी के अनुपात में कम मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराया गया है।

मध्यप्रदेश, गुजरात और हरियाणा जैसे राज्यों की आबादी महाराष्ट्र से काफी कम है, बावजूद उन्हें ज्यादा मात्रा में वैक्सीन जारी किया गया है।

इसके अलावा वैक्सीन नहीं होने की वजह से महाराष्ट्र, दिल्ली जैसे राज्यों में वैक्सीन सेंटर बंद कर दिया गया है।

ट्वीटर पर ये आंकड़ा जारी होते हुए ही लोगों ने पीएम मोदी और केंद्र सरकार को जमकर खरी खोटी सुनाई है।

इस मामले पर शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि इस मामले को यहीं पर छोड़ दिजिए. जनता से बड़ा जज कोई नहीं होता और जनता सबकुछ देख रही है कि कैसे स्वास्थ्य मंत्रालय कोरोना वैक्सीन पर भी राजनीति कर रही है।

ट्वीटर पर इंडस्ट्री वाला नामक एक यूजर ने लिखा है कि मोदी सिर्फ भाजपा शासित राज्यों के प्रधानमंत्री हैं तो संदीप अखौरी ने लिखा है कि ये सिर्फ दो कंपनियों के प्रधानमंत्री हैं.

संदीप कानोडिया नामक यूजर ने लिखा है कि महाराष्ट्र का कसूर सिर्फ इतना है कि यहां शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की सरकार है, इसलिए उन्हें कम मात्रा में वैक्सीन दिया जा रहा है।

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