बीजेपी भले ही भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई का दावा करती हो, लेकिन उसके यह दावे कितनी खोखले हैं, इसका ख़ुलासा एक चैनल ने अपने स्टिंग ऑपरेशन से किया है। स्टिंग में उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार के मंत्रियों के निजी सचिव तबादले, पट्टा और ठेका दिलाने के लिए रिश्वत की मांग करते नज़र आ रहे हैं।  

एबीपी न्यूज़ चैनल द्वारा किए गए स्टिंग में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर के निजी सचिव ओम प्रकाश कश्यप बेसिक शिक्षा विभाग में तबादला कराने के लिए 40 लाख रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे हैं।

इसी तरह से खनन राज्यमंत्री अर्चना पांडेय के निजी सचिव एसपी त्रिपाठी भी डीएस से परमीशन से लेकर आबकारी के एक काम के लिए पैसों की मांग करते दिखाई दिए। वहीं बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के निजी सचिव संतोष अवस्थी ​किताबों के ठेके की डील करते दिखे।

स्टिंग ऑपरेशन सामने आने के बाद सचिवालय प्रशासन के अपर मुख्य सचिव महेश गुप्ता ने तीनों निजी सचिवों के खिलाफ जांच के आदेश दे दिया। उन्होंने कहा है कि सरकार मामले की जांच करवाएगी और दोषी पाए जाने पर सचिवों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं मंत्री ओम प्रकाश राजभर और खनन राज्य मंत्री अर्चन पांडेय ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। मंत्रियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर सचिवों को कड़ी सजा दी जाएगी और इनसे जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

इस स्टिंग के सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरोपी मंत्रियों के इस्तीफ़े की मांग की है।

पार्टी का कहना है कि स्टिंग ऑपरेशन में तीन मंत्रियों के निजी सचिवों द्वारा घूस की डीलिंग करना समूची बीजेपी सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार का सबूत है। आरोपों की जांच पूरी होने से पहले सीएम और आरोपी मंत्रियों को नैतिकता के आधार पर इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।

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